सीतामढ़ी: चुनाव में हार के बाद प्रत्याशियों और समर्थकों द्वारा वोट नहीं देने वालों से मारपीट की घटनाएं अक्सर सुनने में आती हैं, लेकिन  बिहार के भोजपुर जिले में अनोखा मामला सामने आया है। यहां पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में हारने पर निवर्तमान प्रतिनिधि राम रेखा सिंह आपा खो बैठे और अपने कार्यकाल में बनी सड़क ही उखाड़ दी। 2015-16 में आरा सदर प्रखंड के भकुरा पंचायत अंतर्गत बारा और बसंतपुर गांव को जोडऩे के लिए मनरेगा से इस 300 मीटर लंबी ईंट सोलिंग कराई गई थी, जिसमें ग्राम पंचायत निधि से लगभग पांच लाख रुपये खर्च हुए थे। बीते साल चार दिसंबर को सड़क उखाड़े जाने के बाद आरा सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी सोनू कुमार ने 10 दिसंबर को मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी को पत्र लिखकर पूर्व पंसस के विरूद्ध कार्रवाई करने का आदेश भी जारी किया है। परंतु आदेश के तीन माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।

चार दिन पुलिस ने किया था कैंप 

चुनाव में जीते जनार्दन गोंड ने बताया कि 24 नवंबर को हुए पंचायत चुनाव की मतगणना 26 नवंबर को हुई थी, जिसमें पंसस रामरेखा सिंह चुनाव हार गए थे। इसके बाद पूर्व पंचायत समिति सदस्य ने चार दिसंबर को बारा-बसंतपुर के बीच बनी सड़क को उखाडऩा शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना मुफस्सिल थाना से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को दी। घटना से व्याप्त तनाव को देखते हुए चार दिनों तक पुलिस को कैंप करना पड़ा। अंत में प्रखंड विकास पदाधिकारी और थानाध्यक्ष की मौजूदगी में ग्रामीणों और पूर्व पंसस के बीच समझौता कराया गया। निवर्तमान पंसस रामरेखा सिंह ने बीडीओ के समक्ष स्वीकार किया कि चुनाव में हार के बाद गुस्से में उन्होंने सड़क का लगभग 50 से 60 मीटर हिस्सा उखाड़ दिया है, जिसे अब ठीक करा देंगे, लेकिन सड़क को उन्होंने अब तक दुरुस्त नहीं कराया।