इंसान दशकों से नहीं कर पाए, AI ने सुलझा दी 10 अनसुलझी गुत्थियां
नई दिल्ली। AI की दुनिया में एक बड़ी घटना घटी है। दरअसल ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI ने घोषणा की है कि उनके अगले AI मॉडल Astra ने गणित के 10 ऐसी बड़ी और जटिल समस्याओं को हल कर दिया है, जो पिछले एक दशक से अनसुलझी थीं। इन सवालों का हल कई सालों से इंसान नहीं तलाश पाए थे। इससे पता चलता है कि AI अब सिर्फ कंटेंट लिखने या सवाल पूछने तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे इंसानी दिमाग को टक्कर दे सकता है।
गणित की दशकों पुरानी समस्याओं को किया हल
रिपोर्ट्स के अनुसार(REF.) Astra ने ज्योमेट्री, क्वांटम कंप्यूटिंग, क्रिप्टोग्राफी, ग्रुप थ्योरी और ग्राफ थ्योरी जैसे विषयों से जुड़े सवालों को हल कर दिया है। इन समस्याओं को सुलझानें में Astra ने कुल 2,000 डॉलर यानी कि करीब 1.7 लाख रुपये तक के टोकन खर्च कर डाले।
AI द्वारा गणितीय तर्क देने के बाद, इंसानों ने Lean प्रूफ असिस्टेंट का इस्तेमाल करके इन उत्तरों को औपचारिक तौर पर सही पाया है।
OpenAI ने की सही क्रेडिट देने की मांग
इस घटना के बाद से काम के क्रेडिट को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल गणित और रिसर्च के क्षेत्र में AI का इस्तेमाल बढ़ने से ये सवाल उठे हैं।
OpenAI का कहना है कि अगर किसी AI ने कोई सवाल हल किया है, तो इसका पूरा श्रेय सिर्फ इंसानों को देना ठीक नहीं है।
गौर तलब है कि AI ने सिर्फ सवालों के तर्क दिए जबकि इंसानी रिसर्चर्स ने डॉक्यूमेंट्स को तैयार किया और नतीजों की जांच की।
OpenAI का मानना है कि क्रेडिट इस तरह दिया जाए जो ईमानदारी से दर्शाए कि परिणाम कैसे हासिल हुआ।
OpenAI ने दुनिया भर के गणितज्ञों से इन नतीजों की स्वतंत्र रूप से जांच करने और इन्हें व्यापक संदर्भ में समझने का आग्रह किया है।
AI का कारनामा नया नहीं
बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा जब किसी AI मॉडल ने ऐसा कुछ किया हो। इस साल की शुरुआत में ही कंपनी ने बताया था कि एक अनरिलीज AI मॉडल ने टेस्टिंग के दौरान गणित के मशहूर अर्दोस यूनिट-डिस्टेंस कंजक्चर (Erdős unit-distance conjecture) को गलत साबित कर दिया था।
उस खोज के बाद से गणित और थ्योरेटिकल कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में रिसर्च और पढ़ाई की एक नई लहर देखने को मिली है।
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