अंबेडकरनगर में ‘नशा मुक्त युवा’ अभियान का शुभारंभ, छात्रों ने सुना पीएम मोदी का संबोधन
अंबेडकरनगर। नशा आज के समय में हमारे समाज, विशेषकर युवा पीढ़ी को अंदर से खोखला कर रहा है। किसी भी राष्ट्र की असली शक्ति उसका युवा वर्ग होता है। यदि युवा ही पथभ्रष्ट हो जाए, तो देश के विकास की गति थम जाती है। इसी गंभीर विषय को ध्यान में रखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वय से राष्ट्रव्यापी प्रयासों को गति दी जा रही है। इसी कड़ी में, आज 2 अगस्त 2026 को डॉ. अशोक कुमार स्मारक महाविद्यालय,तमसा मार्ग अकबरपुर, अंबेडकरनगर के प्रांगण में एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह आयोजन "नशा मुक्त युवा" विकसित भारत के लिए अभियान के उद्घाटन कार्यक्रम के रूप में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम विशेष संबोधन का सजीव (लाइव) प्रसारण रहा, जिसने उपस्थित सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं में एक नई ऊर्जा और संकल्प का संचार किया l कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के मुख्य सभागार में मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद, आधुनिक तकनीकी व्यवस्था के माध्यम से प्रधानमंत्री के लाइव संबोधन को बड़े पर्दे पर प्रसारित किया गया, कार्यक्रम में उपस्थित सैकड़ों विद्यार्थियों ने बेहद शांति और ध्यानपूर्वक प्रधानमंत्री जी की एक-एक बात को सुना और समझा।
इस ऐतिहासिक और गरिमापूर्ण अवसर पर महाविद्यालय परिवार के सभी पदाधिकारी, शिक्षक और कार्यक्रमाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. तेज प्रकाश वर्मा ने की। उनके कुशल मार्गदर्शन में ही इस पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई। प्रधानमंत्री के लाइव प्रसारण की समाप्ति के बाद, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. तेज प्रकाश वर्मा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।
उनका वक्तव्य बेहद भावुक, तार्किक और प्रेरणा से भरा हुआ था। प्राचार्य जी ने अपने उद्बोधन में कहा, "नशा एक ऐसी सामाजिक बुराई है जो हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ देती है। हमारे देश का युवा बहुत प्रतिभाशाली है, लेकिन सही मार्गदर्शन के अभाव में कुछ बच्चे गलत संगति का शिकार हो जाते हैं। आज प्रधानमंत्री ने जो आह्वान किया है, उसे हमें केवल सुनना नहीं है, बल्कि अपने जीवन में उतारना है।" उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को अपने जीवन में कभी भी किसी भी प्रकार के नशे को न छूने का संकल्प दिलाया। साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों से यह भी अपील की कि वे अपने गांवों, मोहल्लों और घरों में जाकर लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करें। कार्यक्रम में कार्यक्रम अधिकारी रविकांत राजभर की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। उन्होंने न केवल छात्रों को इस अभियान से जोड़ा, बल्कि अनुशासन बनाए रखते हुए तकनीकी प्रसारण को भी निर्बाध रूप से सुनिश्चित किया।
श्री राजभर ने अपने विचार रखते हुए कहा कि युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण में लगाने के लिए ऐसे जागरूक अभियानों की निरंतर आवश्यकता है। कार्यक्रमाधिकिरी डॉ. रानी वर्मा और श्रीमती हेतल पटेल ने छात्राओं के बीच जाकर उन्हें इस मुहिम का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया। महिला सशक्तिकरण और समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि जब एक बेटी या महिला जागरूक होती है, तो पूरा परिवार नशे जैसी कुरीतियों से सुरक्षित हो जाता है। उप प्राचार्य निहाल अशरफ ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कॉलेज प्रशासन की ओर से इस प्रकार के रचनात्मक कार्यों को भविष्य में भी निरंतर आयोजित करने का आश्वासन दिया। प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने वाले महाविद्यालय के उप प्राचार्य निहाल अशरफ इस अवसर पर विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल और सुचारू संचालन की कमान कार्यक्रम अधिकारी रविकांत राजभर के हाथों में रही, जिन्होंने अपनी पूरी टीम के साथ मिलकर व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखा। इसके अलावा, महाविद्यालय के समस्त शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में, सभी शिक्षकों, कार्यक्रम अधिकारियों और विद्यार्थियों ने एक सुर में हाथ आगे बढ़ाकर "नशा मुक्ति की शपथ" ली।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
