शाम-ए-समीर में बिखरी शायरी और कविता की महफिल, कवियों ने बांधा समां
बदायूं। दातागंज ब्लॉक सभागार में मशहूर शायर एवं शिक्षक मरहूम शराफ़त हुसैन समीर बदायूंनी की पावन स्मृतियों को समर्पित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा शाम-ए-समीर का आयोजन किया गया। साहित्य और संस्कृति से सराबोर इस आयोजन में देशभर से आए कवियों एवं शायरों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से देर तक श्रोताओं को बांधे रखा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह बब्बू भईया, विशिष्ट अतिथि ब्लॉक प्रमुख दातागंज अतेन्द्र विक्रम सिंह एवं नगर पालिका परिषद दातागंज के चेयरमैन अनूप कुमार गुप्ता रहे। विशेष सानिध्य में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, बरेली संतोष कुमार सिंह तथा खंड शिक्षा अधिकारी शेरगढ़, बरेली मुकेश कमल मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अरविन्द धवल ने की, जबकि मंच का संचालन श्रीदत्त शर्मा ‘मुज़तर’ ने किया। आमंत्रित कवियों एवं शायरों में डॉ. अरविन्द धवल, डॉ. हिलाल वज़ीरगंजवी, जीतेश राज ‘नक़्श’, अंकिता शुक्ला, उज्ज्वल वशिष्ठ, अभिषेक अग्निहोत्री, अभिषेक ‘अनंत’, उमेश त्रिगुणायत, इमरान सैदपुरी, इरफान आबिद, ज़ीशान नोमानी, यूनुस चिश्ती, राकेश वर्मा, केशव सक्सेना, सचिन सादिक़ बदायूंनी, कौस्तव सिंह, सौरभ हिंदुस्तानी आदि ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी।
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“रोने को तो सब रोते हैं।
पत्थर पानी कब होते हैं।।”
उज्ज्वल वशिष्ठ बदायूंनी ने प्रेम की भावनाओं से सराबोर पंक्तियां प्रस्तुत कीं—
“एक तुम्हारे होने से था, अपना ये घरबार।
आ जाओ ना लौट के प्रियतम, मेरे मन के द्वार।।”
शायर जीशान नोमानी ने कहा—
“हर एक शाम में है तेरी ही रोशनी शामिल।
तेरे जमाल से सारा जहां चमकता है।।”
इरफ़ान आबिद ने अपनी प्रस्तुति में कहा—
“खुशियां जहांन भर की मेरे पास है ऐ दोस्त।
सब कुछ है मेरे पास मगर तुझको छोड़कर।।”
डॉ. सैय्यद इमरान सैदपुरी ने मां की याद को शब्द देते हुए पढ़ा—
“जिक्र मेरी वालिदा का आ गया जिस शेअर में।
शेअर वो मेरी ग़ज़ल का सबसे अच्छा हो गया।।”
एडवोकेट सौरभ हिंदुस्तानी दातागंजवी ने अपनी रचना के माध्यम से कहा—
“क़लम मेरा आज़ाद है, सच लिखता है, सच लिखेगा।
चाटू गिरकर चरण किसी के मैं वो काम नहीं करता।।”
जीतेश राज ‘नक़्श’ ने सामाजिक सरोकारों को छूते हुए कहा—
“इज़ाफ़ा हो रहा खुदगर्जियों में, कहां हमदर्द वापस आ रहे हैं।
मुसलसल लोग पैदा हो रहे हैं, मुसलसल लोग मरते जा रहे हैं।।”
वहीं उमेश अद्भुत ने अपनी पंक्तियों से श्रोताओं की खूब दाद बटोरी। अभिषेक ‘अनंत’ बदायूंनी, अभिषेक अग्निहोत्री बरेलवी, डॉ. हिलाल बदायूंनी, मुकेश कमल, अंकिता शुक्ला कानपुरी, डॉ. अरविन्द धवल और श्रीदत्त शर्मा ‘मुज़तर’ समेत अन्य कवियों-शायरों ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय प्रतिभाशाली छात्र मोहम्मद बिलाल अंसारी पुत्र मोहम्मद रऊफ एडवोकेट, दातागंज को हाल ही में NEET परीक्षा में सफलता प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। उपस्थित अतिथियों एवं आयोजकों ने उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के आयोजक फरहत हुसैन, जिला महामंत्री उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ, बदायूं ने साहित्य और संस्कृति के इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी सम्मानित अतिथियों, कवियों, शायरों एवं क्षेत्र के प्रबुद्धजनों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मोहम्मद विकार उद्दीन वज़ीरगंजवी, ज़मीर अहमद ककरालावी, मोहम्मद अयूब, मोहम्मद आबिद, अफ़सार अहमद, नजाकत हुसैन, तंजीर अहमद, सोमदत्त शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले शारिक नसीर वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के बदायूं ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज के साथ वह लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
