महंगाई , बेरोजगारी, पेपर लीक पर दो- दो हाथ करने को तैयार
37 साल का सूखा खत्म करने की जद्दोजहद, राहुल-प्रियंका की साख का चुनाव
लखनऊ । आगामी विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए अग्निपरीक्षा बन गया है। एक तरफ भाजपा का किला, दूसरी तरफ सपा-की मजबूत जमीन। दशकों से हार-दर-हार से हताश-निराश कार्यकतार्ओं को साथ ये लड़ाई आसान नहीं है। इसलिए यह आम चुनाव नहीं बल्कि राहुल गांधी-प्रियंका का अस्तित्व युद्ध है। क्योंकि कांग्रेस 37 साल से यूपी में सत्ता का सूखा झेल रही है। अब देखना है कि वह किंग मेकर बनेगी या फिर सूखा बरकरार रहेगा।
आखिरी बार कांग्रेस ने 1985 में यूपी में प्रचंण्ड बहुमत के साथ सरकार बनाई थी। इन 37 सालों में कई पीढ़ियां बदल गईं। मंडल-कमंडल की राजनीति आई और गई। यूपी में भाजपा, सपा, बसपा ने बारी-बारी से सत्ता संभाली। लेकिन कांग्रेस सिमटकर 2 सीटों पर आ गई। कार्यकर्ता हताश होते गये, कोर वोटर भी दूसो दलों में शिफ्ट हो गया। इसलिए इस बार तेज तर्रार एवं दलित नेता राजेन्द्र पाल गौतम को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पार्टी कार्यकतार्ओं में जोश भर रहे हैं। लंबे समय तक सत्ता से दूर रहने के कारण पार्टी के पास न नेता बचे और न ही वोटर। साथ ही गठबंधन की राजनीति ने भी कांग्रेस को कमजोर कर दिया। कांग्रेस के पास इस बार तीन मौके हैं। पहला, भाजपा विरोधी वोट क्योंकि महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर नाराज नता को साथ जोड़ना। दूसरा, राहुल गांधी की सोशल मीडिया में इमेज सुधारना, क्योंकि युवा और महिलाएं कांग्रेस को एक बार फिर सुनने को तैयार हैं लेकिन उनके भाषण में स्पष्टता कम कनफ्यूजन ज्यादा है। तीसरा, सांसदों को सदन में जनहित के मुद्दों को फेकस करना होगा न कि भाजपा की आलोचना। इन मुद्दों को गांव-गांव तक लेकर जाना होगा।
अगर सड़क, स्कूल और स्वस्थ्य सेवाओं पर बात होगी तो लोग गौर करेंगे। साथ ही पार्टी को आयातित नेताओं को नहीं, बल्कि 10 साल से पार्टी के लिए झंडा उठाने वालों को मौका देना होगा। सबसे जरूरी, हार-जीत से ऊपर उठकर 5 साल तक सड़क पर रहना होगा। सबसे बड़ी चनौती पार्टी के समक्ष धन की है। इसलिए सोशल मीडिया, नुक्कड़ सभा और छोटे मुद्दों पर आंदोलन को हथियार बनाना होगा। पूर्व की तरह भाजपा इस बार भी राष्ट्रवाद और विकास को धार दे रही है। कांग्रेस को न्याय और हिस्सेदारी का नया नैरेटिव लेकर घर घर जाना होगा। संगठन को भी कागजों पर नहीं बल्कि जमीन पर मजबूत करने की जरुरत है।
ये खबर भी पढ़े : खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा ढाबा एवं रेस्टोरेंट का किया गया निरीक्षणप्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुचि विश्वास ने बताया कि पूर्व की तुलना में कांग्रेस यहां काफी मजबूत हुई है। जनहित से जुड़े मुद्दों पर पार्टी लगातार धार देने के साथ ही सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन कर रही है। 9 अगस्त को नेता विरोधी दल राहुल गांधी प्रयागराज में छात्र संगम में आ रहे है जिसमें 50 हजार से अधिक छात्रों के आने का अनुमान है।इस दौरान पेपरलीक, बेरोजगारी, महंगाई जैसे मुद्दों पर चर्चा एवं सुझाव लिये जायेंगे।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
