बसपा से अशोक सिद्धार्थ फिर निष्कासित
लखनऊ। बसपा मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती आगामी विधानसभा को लेकर व्यापक फेरबदल कर रही है। संगठन को धार देने के लिए उन्होंने रविवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं नेशनल कोर्डिनेटर अशोक सिद्धार्थ बसपा ने निन्कासित कर दिया । इससे पूर्व भी उनका निष्कासन हुआ था लेकिन कुछ दिनों बाद पार्टी में वापसी हो गयी थी। लेकिन इस बार उनकी वापसी न हाने के संकेत भी पार्टी मुखिया को दिये गये हैं।
पार्टी में अहम भूमिका निभा रहे युवा नेता आकाश आनंद के अशोक सिद्धार्थ ससुर है। इस बार इन पर अनुशासनहीनता बरतने के साथ ही बीएसपी मूमेंट को कमजोर करने का आरोप है। पहले भी बसपा में भितरघात करने और पार्टी को तोड़ने का आरोप में इन्हें निष्कासित किया गया था।
इसके अलावा कोर्डिनेटर रहे रणधीर सिंह बेनीवाल को भी अनुशासनहीनता एवं पार्टी के निर्देशोंं का अनुपालन न करने के आरोप में निष्कासित कर दिया गया। इनके पास हिंमाचल एवं जम्मू काश्मीर का प्रभार था। यह जिम्मेदारी अब राम जी गौतम को सौंपी गयी है। सूत्रों के अनुसार प्रत्याशी चयन में मायावती द्वारा स्वयं की भूमिका निभाने के निर्देश के बाद पार्टी में भितरघात से जोड़ कर देखा जा रहा है।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
