अन्नपूर्णा योजना की राशि में देरी पर बढ़ा महिलाओं का आक्रोश, मुख्यमंत्री ने मांगे दो महीने
दो महीने में सत्यापन पूरा कर पात्र लाभार्थियों को राशि देने का आश्वासन।
- कई जिलों में अन्नपूर्णा योजना की राशि समय पर नहीं पहुंचने से नाराजगी।
- मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सामाजिक कल्याण योजनाओं का सत्यापन जारी है।
- केवाईसी, आधार और बैंक खाते की जांच के बाद ही भुगतान होगा।
कोलकाता। अन्नपूर्णा योजना की राशि समय पर नहीं मिलने से राज्य के कई जिलों में महिलाओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कहीं भुगतान हो रहा है तो कहीं अब तक राशि नहीं पहुंची है, जिससे लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।
इस बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पहली बार मुर्शिदाबाद दौरे के दौरान इस मुद्दे पर सफाई दी और कहा कि सभी सामाजिक कल्याण योजनाओं का सत्यापन किया जा रहा है। उन्होंने पूरी प्रक्रिया के लिए दो महीने का समय मांगा है।
शुक्रवार को बहरमपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली व्यवस्था के दौरान विभिन्न योजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिला परिषद के माध्यम से जारी कई टेंडरों में फर्जी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा लक्ष्मी भंडार योजना के करीब 600 लाभार्थी, अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के लगभग तीन हजार 500 खाते और अन्य कई योजनाओं में फर्जी लाभार्थियों की पहचान हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में न आने वाले लोग भी लाभ ले रहे थे। वहीं, शारीरिक रूप से दिव्यांग नहीं होने के बावजूद कुछ लोगों के नाम पर दिव्यांग पेंशन का भुगतान किया जा रहा था।
उन्होंने बताया कि फिलहाल प्रत्येक लाभार्थी का केवाईसी, आधार और बैंक खाते की लिंकिंग सहित सभी दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया में हजारों फर्जी खाते सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी बीडीओ ने दो महीने के भीतर सामाजिक कल्याण योजनाओं के सत्यापन का काम पूरा करने का आश्वासन दिया है। सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र लाभार्थियों के खातों में राशि भेज दी जाएगी, जबकि फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने सभी सामाजिक कल्याण योजनाओं की समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि गंगा नदी कटाव की समस्या से निपटने के लिए भी केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है और इस परियोजना का खर्च केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करेंगे।
मुख्यमंत्री के अनुसार अब तक 12 लाख महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना का लाभ मिल चुका है। उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार को अन्नपूर्णा योजना, वृद्धावस्था पेंशन और अन्य सामाजिक योजनाओं का लाभ एक साथ मिलता है तो उसे प्रतिमाह 15 हजार रुपये तक की सहायता मिल सकती है। हालांकि, सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही शेष पात्र लाभार्थियों के खातों में राशि जारी की जाएगी।
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