गंगा कटाव रोकने को 36 हजार करोड़ की योजना, अगले साल स्थायी समाधान
मालदा। पश्चिम बंगाल की डबल इंजन सरकार गंगा नदी के कटाव को रोकने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। वर्तमान में कटाव प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी रूप से कटाव रोकने का कार्य किया जा रहा है, जबकि अगले वर्ष से स्थायी समाधान के तहत बड़े स्तर पर काम शुरू किया जाएगा।
गंगा में ड्रेजिंग कर कटाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 36 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मंगलवार को मानिकचक के विधायक गौड़चंद्र मंडल ने मानिकचक के गोपालपुर क्षेत्र में कटाव प्रभावित इलाकों का दौरा करते हुए यह बात कही।
मंगलवार को विधायक गौड़चंद्र मंडल एक छोटे लॉन्च से मानिकचक के विभिन्न गंगा तटवर्ती क्षेत्रों में पहुंचे और वहां कटाव की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अलग-अलग इलाकों का दौरा कर मौके पर स्थिति का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से भी बातचीत की।
दौरे के अंत में विधायक गोपालपुर के शांति मोड़ इलाके में पहुंचे, जहां गंगा कटाव की स्थिति का निरीक्षण किया। लॉन्च से उतरकर उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान स्थानीय लोगों ने कटाव से स्थायी सुरक्षा के लिए मजबूत और पक्के कंक्रीट बांध के निर्माण की जोरदार मांग रखी।
स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनने के बाद विधायक गौड़चंद्र मंडल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में गंगा कटाव रोकने का काम सही तरीके से नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कटाव रोकने के कार्य के नाम पर धन की लूट हुई।
उन्होंने कहा कि वर्तमान डबल इंजन सरकार गंगा कटाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। फिलहाल जिन क्षेत्रों में कटाव जारी है, वहां अस्थायी रूप से कटाव रोकने का काम किया जा रहा है।
वहीं, अगले वर्ष से 36 हजार करोड़ रुपये की लागत से गंगा में ड्रेजिंग सहित स्थायी कटाव-रोधी कार्य शुरू किए जाएंगे विधायक ने दावा किया कि इस व्यापक योजना के लागू होने के बाद अगले वर्ष गंगा कटाव की समस्या से प्रभावित क्षेत्रों को स्थायी राहत मिलेगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
