असम में स्नातकों और बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी पहल, सीएम हिमंत ने शुरू कीं तीन योजनाएं
47 हजार से अधिक हालिया स्नातकों को ‘जीबोन प्रेरणा’ योजना का लाभ
पात्र युवाओं को हर महीने 10 हजार रुपये की वित्तीय मदद
गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को राज्य में स्नातक युवाओं, बाढ़ प्रभावित परिवारों और वैश्विक रोजगार के अवसर तलाश रहे युवाओं के लिए तीन प्रमुख सरकारी योजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सीधे लोगों तक सहायता पहुंचाना और युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना है।
एक सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि 'जीबोन प्रेरणा' योजना के तहत 47,000 से अधिक हालिया स्नातकों को लाभ पहुंचाया गया है। वहीं, अंतरिम बाढ़ राहत के रूप में 16,000 से अधिक प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराई गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में स्नातक हुए युवाओं के खातों में मंगलवार को पिछले चार महीनों की सहायता राशि सीधे हस्तांतरित की गई। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह 10,000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाती है, ताकि वे अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद करियर और पेशेवर लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में आर्थिक रूप से सक्षम बन सकें।
उन्होंने कहा कि 'जीबोन प्रेरणा' योजना का उद्देश्य शिक्षा से रोजगार की ओर बढ़ने के दौरान युवाओं को आर्थिक सहयोग देना और उन्हें नए अवसरों की तलाश में मदद करना है।
मुख्यमंत्री सरमा ने इस अवसर पर सीएम-फ्लाइट नामक नई वित्तीय सहायता योजना की भी शुरुआत की। यह योजना युवाओं को विदेशी भाषाएं सीखने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि विदेशी भाषा का ज्ञान असम के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसरों के द्वार खोलेगा।
सरमा ने कहा कि भारत में भी तेजी से बढ़ रही बहुराष्ट्रीय और वैश्विक कंपनियों की मौजूदगी को देखते हुए विदेशी भाषा का कौशल युवाओं को बेहतर वेतन वाली नौकरियां दिलाने में मदद करेगा। इससे न केवल विदेशों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि देश के भीतर भी युवाओं की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का मूल उद्देश्य लोगों तक लाभ सीधे पहुंचाना और युवाओं को अपने करियर निर्माण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि ये तीनों पहल सरकार के व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं, जिनका मकसद सामाजिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना, बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत देना और राज्य की बढ़ती युवा आबादी की रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।
सरमा ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सरकारी सहायता बिना किसी बिचौलिए के सीधे लाभार्थियों तक पहुंचे और युवाओं को ऐसे कौशल दिए जाएं, जिनसे वे वैश्विक अर्थव्यवस्था में उभर रहे रोजगार अवसरों का लाभ उठा सकें।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
