जंगली हाथियों का कहर: गन्ना-केले की फसल रौंदी,
गुस्साए किसानों ने वन विभाग चौकी का किया घेराव
शहनूर अली
। 29 जुलाई ( तरुणमित्र ) दुधवा टाइगर रिजर्व से सटे मझगई वन रेंज क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को जंगल से निकले हाथियों के झुंड ने ग्राम पंचायत बौधिया कला में दर्जनों एकड़ गन्ने और केले की फसल रौंदकर किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया। लगातार हो रही फसल बर्बादी और वन विभाग की कथित उदासीनता से नाराज किसानों ने रमुआपुर वन चौकी का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से जंगली हाथियों का झुंड लगातार खेतों में घुसकर फसलें नष्ट कर रहा है, लेकिन वन विभाग की ओर से हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। किसानों का कहना है कि न तो रात में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं और न ही टॉर्च जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
ये खबर भी पढ़े : मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का बढ़ा क्रेज, 369 छात्रों ने मुफ्त कोचिंग के लिए कराया पंजीकरणहाथियों के हमले में किसान महेन्द्र सिंह, नरेन्द्र सिंह, प्रमोद जायसवाल, जसवन्त सिंह, ओमकार सिंह और विजय कुमार सहित कई अन्य किसानों की गन्ने और केले की फसल बर्बाद हो गई। पीड़ित किसानों ने बताया कि उनकी महीनों की मेहनत कुछ ही देर में नष्ट हो गई, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि चार दिन पहले भी हाथियों के झुंड ने इसी क्षेत्र में कई एकड़ फसल रौंद दी थी। लगातार हो रहे नुकसान से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने वन विभाग से हाथियों की निगरानी बढ़ाने, नियमित गश्त कराने तथा प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
इस संबंध में मझगई रेंज के रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि रमुआपुर वन चौकी पर किसानों के साथ बैठक कर हाथियों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी तथा वन विभाग की टीमों द्वारा क्षेत्र में गश्त तेज कर दी गई है, ताकि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके।
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पिछले एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय विजय पाल खबरों की तेज़ समझ और ज़मीनी पकड़ के लिए जाने जाते हैं। रिपोर्टिंग और समाचार लेखन के क्षेत्र में उन्होंने निरंतर काम किया है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।
