एसडीएम-किसानों के बीच वार्ता विफल, पीडब्लयूडी मुख्यालय घेरने की चेतावनी
सड़क के निर्माण की मांग को लेकर किसान का 21वें दिन भी जारी रहा प्रदर्शन
मोहनलालगंज, लखनऊ। कमालपुर- बिचलिका माइनर से कुबहरा तक अधूरी सड़क के निर्माण की मांग को लेकर कुबहरा सामुदायिक मिलन केंद्र पर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन का धरना मंगलवार को 21वें दिन भी जारी रहा। किसानों के आंदोलन को समाप्त कराने के लिए मंगलवार को उपजिलाधिकारी मोहनलालगंज आकाश सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों से वार्ता कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वार्ता विफल रही।
किसानों ने सड़क निर्माण को लेकर प्रशासन के समक्ष कई सवाल उठाए। किसानों का कहना है कि सोमवार को जिला पंचायत की अवर अभियंता मधु ने बताया था कि उक्त सड़क जिला पंचायत के अभिलेखों में वर्ष 2018 में डामरीकृत दिखाई गई है और इसके लिए करीब 1 करोड़ 85 लाख रुपये का भुगतान भी हो चुका है। किसानों का आरोप है कि इसके बावजूद मौके पर सड़क का निर्माण नहीं हुआ है।
किसानों ने जिलाधिकारी से मौके पर पहुंचकर जर्जर मार्ग का निरीक्षण करने की मांग की। इसके बाद एसडीएम आकाश सिंह ने पैदल मार्ग का निरीक्षण किया, लेकिन भीषण गर्मी के चलते वह लगभग आधे मार्ग तक ही निरीक्षण कर सके। एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी से वार्ता कर लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, जिला पंचायत और किसानों की संयुक्त बैठक कराई जाएगी, ताकि सड़क निर्माण की दिशा में कार्रवाई हो सके। इसके लिए उन्होंने दो-तीन दिन का समय मांगा।
हालांकि, किसान प्रशासन के इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए और 9 सितंबर को प्रस्तावित लोक निर्माण विभाग (PWD) मुख्यालय के घेराव पर अड़े रहे। किसानों ने स्पष्ट कहा कि यदि बुधवार सुबह 10 बजे तक जिलाधिकारी की मौजूदगी में संबंधित सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक कराकर किसानों से वार्ता नहीं कराई गई तो घेराव किसी भी स्थिति में नहीं रोका जाएगा।
किसानों ने कहा कि यदि निर्धारित समय तक वार्ता के संबंध में सूचना नहीं मिलती है तो वे कुबहरा से ट्रैक्टर-ट्रालियों के जरिए लखनऊ स्थित PWD प्रमुख अभियंता कार्यालय के लिए कूच करेंगे। किसानों ने यह भी कहा कि इस दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने पर उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
घेराव को सफल बनाने के लिए किसान नेताओं ने कमालपुर बिचलिका, धोवैया, रामबक्स खेड़ा, समेसी, तमोरिया, इस्माइल नगर, नेवाज खेड़ा, देवती और बरकत नगर समेत आसपास के कई गांवों में जनसंपर्क किया। ग्रामीणों से घेराव में शामिल होने का आह्वान किया गया, जिस पर ग्रामीणों ने भी आंदोलन को समर्थन देने की बात कही।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
