पीजीआई: ग्यारह साल से सीने में पड़ा ड्रिल बिट निकाल,दिलाई राहत
— एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों के लिए यह केस रहा चुनौतीपूर्ण

लखनऊ। एपेक्स ट्रॉमा के डॉक्टरों ने मरीज के सीने में सालों से फंसे ड्रिल बिट निकालकर नया जीवनदान दिया। लेकिन डॉक्टरों के लिए यह केस 'चुनौती' रहा। हालांकि अब पहले से बेहतर है। पीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के विशेषज्ञों ने मरीज के सीने में लगभग ग्यारह सालों से फंसे ड्रिल बिट (धातु की विदेशी वस्तु) को सफलतापूर्वक निकालकर मरीज को लंबे समय से हो रहे सीने के दर्द से राहत दिलाई।
कुशीनगर निवासी मरीज को वर्ष 2014 में सड़क दुर्घटना के दौरान दाहिने ह्यूमरस (बांह की हड्डी) में फ्रैक्चर हुआ था, जिसके बाद वर्ष 2015 में इसका उपचार किया गया। इसके बाद मरीज को कई बार दाहिनी बांह की हड्डी से संबंधित उपचार एवं ऑपरेशन से गुजरना पड़ा। मरीज के सीने में वर्ष 2015 से मौजूद ड्रिल बिट लगभग ग्यारह सालों तक रह गया। इस दौरान मरीज लगातार जीवन व्यतीत करता रहा, लेकिन उसे सीने के दाहिने हिस्से में दर्द की शिकायत बनी रही।
प्रो. अमित कुमार सिंह, ट्रॉमा सर्जरी ने बताया मरीज आखिरी में एपेक्स ट्रॉमा सेंटर, पीजीआई पहुंचा, जहां जांच के दौरान सीने में मौजूद इस विदेशी वस्तु की पहचान हुई। यह एक जटिल एवं चुनौतीपूर्ण मामला था, क्योंकि विदेशी वस्तु लंबे समय से शरीर के अंदर मौजूद थी। विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत मूल्यांकन एवं मल्टी डिसिप्लिनरी टीम की सावधानीपूर्वक योजना के बाद सीने से ड्रिल बिट को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया।
इस जटिल उपचार को प्रो.अमित कुमार सिंह, ट्रॉमा सर्जरी, डॉ. अमित कुमार, एडिशनल प्रोफेसर, ऑर्थोपेडिक; डॉ. आदित्य एवं डॉ. वरुण गुप्ता, सीनियर रेजिडेंट, ट्रॉमा सर्जरी; तथा डॉ. वंश, एडिशनल प्रोफेसर, एनेस्थीसिया की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। चिकित्सकों के अनुसार, यह मामला इस बात को दर्शाता है कि जटिल एवं पुराने ट्रामा मामलों में विशेषज्ञता, आधुनिक सुविधाओं और विभिन्न विशेषज्ञ विभागों के समन्वय से चुनौतीपूर्ण स्थितियों का सफल उपचार संभव है। ड्रिल बिट निकाले जाने के बाद मरीज को लंबे समय से हो रहे सीने के दर्द से राहत मिली।
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शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
