आंख पर पट्टी बांधकर सहायक आबकारी आयुक्त प्रवर्तन ने कर दी जांच !
-पंचायती राज निदेशालय व केंद्रीय भवन के सामने खुले में शराब का मामला
-गुलाचीन मंदिर के सामने मदिरा दुकानों के बाहर भीड़
लखनऊ। राजधानी के आबकारी जोन दो में अजब खेल चल रहा है। खुले में जमकर शराब पिलाई जा रही है। वहीं इस मामले को लेकर क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक से लेकर शीर्ष के सहायक और अपर आबकारी आयुक्त ने मानो आंखो में पट्टी बांध रखी है। चर्चा है कि आबकारी विभाग के निरीक्षक से लेकर फील्ड में रहने वाले शीर्ष के कई अधिकारी जमकर बंदरबाट कर रहे हैं।
ज़ोन दो को लेकर हुई आईजीआरएस शिकायतों में प्रवर्तन अधिकारी अरविन्द कुमार राय ने कुछ ऐसी ही लीपापोती करते हुए शीर्ष पर बैठे अधिकारियों को गुमराह कर दिया। वहीं चर्चा यह है कि ज़ोन दो में महिला निरीक्षक होने के कारण फील्ड में हस्तक्षेप काम रहता है। क्षेत्रीय सिपाही ही पूरा काम काम संभांलते हैं।
जानकारी के मुताबिक़ ज़ोन दो में पंचायती राज निदेशालय व केंद्रीय भवन मौजूद है। केंद्रीय भवन में केंद्र सरकार के लगभग एक दर्जन से अधिक विभागों के कार्यालय मौजूद हैं। जबकि पंचायती राज अपने आप में ही बड़ा विभाग है। पंचायती राज निदेशालय के गेट संख्या एक के सामने देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों पर देर शाम होते महफ़िल लग जाती है।
मंदिर के बगल खाली पड़ी जगह पर शाम ढलते ही शराबियों का जमावड़ा रहता है। इस मामले में कई शिकायतें भी हुई हैं। यही नहीं जोन दो के विकासनगर में गुलचीं मंदिर के समीप खुले में शराब का प्रचलन हो गया है। वहीं आईटी कॉलेज से कुछ दूरी पर मौजूद शराब की दुकानों के बाहर भी खुले में शराब पीते लोग नजर आते हैं। इस मामले में सहायक आबकारी आयुक्त प्रवर्तन ज़ोन दो अरविन्द कुमार राय ने आंखो पर पट्टी बांधकर जांच कर डाली।

उनके अनुसार जांच के दौरान उन्हें कोई व्यक्ति खुले में शराब पीते नहीं पाया गया। वहीं अधिकारी की इस जांच के बाद आबकारी विभाग और उनके अधिकारियों की भूमिका और विभाग में हो रही बंदरबांट पर सवाल उठने लगे हैं।
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लेखक के बारे में
पिछले छह वर्षों से क्राइम रिपोर्टिंग में सक्रिय सत्य प्रकाश भारती अपराध से जुड़े मामलों पर गहरी पकड़ रखते हैं। तथ्यपरक रिपोर्टिंग और संतुलित प्रस्तुति उनकी कार्यशैली की पहचान है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ में कार्यरत हैं।
