इंदिरानगर क्षेत्र में रात 11 बजे भी मिल जाती है देसी दारू...!
तरूणमित्र टीम के देर रात स्टिंग ऑपरेशन में सामने दिखीं अनियमिततायें
- ऑफ द कैमरा बोले कुछ शौकीन, भाई जी पहले टाइट माहौल था, पर अब तो मिल जात है
- सेक्टर 3 में आता है तकरोही बाजार का सरकारी आबकारी दुकान, एचएएल सब्जी मंडी पर अवैध कैंटीन
लखनऊ। रविवार का दिन, रात्रि 11 बजे के करीब मुंंशी पुलिया मेट्रो स्टेशन से अंदर तकरोही बाजार की तरफ सड़क पर तो सन्नाटा दिख रहा था, कुछ गाड़ियों का आवागमन जारी थी...मगर तभी अचानक एक ओर निगाह गयी तो देखा कि पर्दे के पीछे से लोग अपने हाथ में कुछ लिये-दिये निकल रहे थे, सरकारी आबकारी की देसी दारू की दुकान थी। हकीकत जानने के लिये तरूणमित्र टीम ने मौके पर पैसे देकर अपने एक सहकर्मी को दुकान पर भेजा तो वहां पर कुछ कम-ज्यादा करने के बाद 100 रुपये में देसी पव्वा दे दिया और उसके बाद भी लोग आते जाते दिखे।
फिर बड़े ही सावधानीपूर्वक और उन्हीं के अंदाज में जब वहां पर खड़े कुछ मदिरा शौकीनों से बात की गयी तो आफ द कैमरा यही बोले कि भाई जी पहले तो बड़ा टाइट माहौल था, पर अब तो तड़के और फिर देर रात भी दारू मिल ही जाती है। जी हां, लखनऊ जनपद आबकारी विभाग के दृष्टिगत देखें तो यह देसी दारू की दुकान शहरी क्षेत्र में सेक्टर तीन के तहत संचालित है जिसकी फील्ड मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी यहां पर तैनात एक महिला आबकारी निरीक्षक और उनके मातहत कर्मियों पर है।
ये खबर भी पढ़े : स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से सम्बद्ध ट्रॉमा सेंटर पर लापरवाही को लेकर भड़के तीमारदारइस सेक्टर में अनियमतताओं का सिलसिला यहीं पर नहीं थमता, थोड़ा आगे बढ़े तो एचएएल सब्जी मंडी अयोध्या रोड के पास तो देर शाम दुकान के अंदर से लेकर बाहर तक शाम ए महफिल जमी रहती है। अगल बगल देसी दारू और कंपोजिट अंग्रेजी मदिरा की दुकान है, मगर कैंटीन देसी दारू के ऊपर चलता है और जहां पर औने पौने और मनमाने रेट में मदिरा के साथ चखना आदि परोसने के नाम पर शौकीनों की जेबें मजबूरी में ढिली कर दी जाती हैं।
आंखो पर पट्टी बांधकर सहायक आयुक्त प्रवर्तन ने कर दी जांच!
आबकारी विभाग में सुबह 10 बजे से पहले और रात 10 बजे के बाद शराब मिलने के मामले तेजी से सामने आ ही रहे हैं। लेकिन अनुज्ञापी के दुकानों के आस-पास खुले में शराब पीने वालों की जांच करने में क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक ही नहीं सहायक आबकारी आयुक्त प्रवर्त्तन ने भी आंखो पर पट्टी बांध रखी है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण आईजीआरएस पर हुई शिकायतों से मिलता है। खुले में शराब पीने की शिकायत पर शीर्ष के अधिकारी भी जमकर गलत काम का संरक्षण कर रहे हैं।
पंचायती राज निदेशालय के सामने खुले में शराब...!
आबकारी जोन दो में पंचायती राज निदेशालय के गेट के सामने देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों पर देर शाम होते महफिल लग जाती है। मंदिर के बगल कहली पड़ी जगह पर शाम ढलते ही शराबियों का जमावड़ा रहता है। इस मामले में कई शिकायतें भी हुई हैं। यही नहीं जोन दो के विकासनगर में गुलाचीन मंदिर के समीप खुले में शराब का प्रचलन हो गया है।
वहीं सेक्टर दो के तहत जिसकी फील्ड की जिम्मेदारी एक दूसरी महिला आबकारी निरीक्षक के ऊपर है, वहां आईटी कॉलेज से कुछ दूरी पर मौजूद शराब की दुकानों के बाहर भी खुले में शराब पीते लोग नजर आते हैं। इस मामले में सहायक आबकारी आयुक्त प्रवर्त्तन जोन दो अरविन्द कुमार राय ने आंखो पर पट्टी बांधकर जांच कर डाली। उनके अनुसार जांच के दौरान उन्हें कोई व्यक्ति खुले में शराब पीते नहीं मिला।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
