69000 शिक्षक भर्ती: सुप्रीम कोर्ट में करीब तीन घंटे चली सुनवाई
कल भी जारी रहेगा मामला
नई दिल्ली। 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों के पालन और नियुक्ति से जुड़े मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में करीब तीन घंटे तक सुनवाई हुई। सुनवाई पूरी न होने के कारण कोर्ट ने मामले को अगले दिन यानी 9 सितंबर 2026 के लिए सूचीबद्ध कर दिया है। ऐसे में अब इस प्रकरण पर बुधवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट में इस समय मुख्य रूप से आरक्षण नियमों के पालन, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की नियुक्ति और सरकार की ओर से प्रस्तुत एफिडेविट को लेकर अलग-अलग पक्षों की दलीलें सुनी जा रही हैं।
आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता मनदीप कालरा ने सरकार के एफिडेविट में शामिल 4946 पदों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि एफिडेविट में ऐसे अभ्यर्थियों के नाम भी शामिल हैं, जो नियुक्ति के लिए बुलाये जाने पर भी नियुक्ति ग्रहण करने के लिए आए ही नहीं। अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष यह पक्ष रखा कि यदि ऐसे नामों को हटाकर उपलब्ध पदों पर आरक्षित वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाती है, तो वह सरकार द्वारा प्रस्तुत एफिडेविट से सहमत हैं।
सुनवाई के दौरान ईडब्ल्यूएस वर्ग की ओर से मौजूद अधिवक्ता ने भी अपना पक्ष कोर्ट के समक्ष रखा। अलग-अलग श्रेणियों के अधिवक्ताओं को अपनी दलील रखने का अवसर दिया जा रहा है, जिससे मामले के सभी पहलुओं पर कोर्ट के सामने स्थिति स्पष्ट हो सके। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने भर्ती के विज्ञापन के वर्ष 2018 का होने की बात कही। सरकार की ओर से भर्ती प्रक्रिया और उस समय लागू नियमों के संदर्भ में अपना पक्ष रखा गया।
मामले की सुनवाई के लिए अलग-अलग मांग और प्रेयर के आधार पर अभ्यर्थियों को विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया है। मंगलवार को कई पक्षों की दलीलें सुनी गईं, लेकिन बहस पूरी नहीं हो सकी। अब बुधवार को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। कल की सुनवाई पर 69000 शिक्षक भर्ती के हजारों अभ्यर्थियों की निगाहें टिकी हैं, खासकर उन आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की, जो लंबे समय से आरक्षण नियमों के अनुसार नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
