सुरक्षित बचपन समिति ने जिला कारागार का किया निरीक्षण
बदायूं। सुरक्षित बचपन की निगरानी समिति के संयुक्त दल ने सोमवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान समिति के सदस्यों ने कारागार में अपनी माताओं के साथ रह रहे चिन्हित बच्चों से संबंधित व्यवस्थाओं और उनकी आवश्यकताओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान बच्चों को स्वास्थ्य, शिक्षा एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किए जाने को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। समिति ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, एसीएमओ एवं बाल रोग विशेषज्ञ को बच्चों की आवश्यकताओं के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वर्तमान में जिला कारागार में 07 बच्चे अपनी माताओं के साथ रह रहे हैं। समिति ने इन बच्चों की आईसीपी का नियमित फॉलोअप कराने तथा समय-समय पर उनकी काउंसलिंग कराने के लिए जिला बाल संरक्षण अधिकारी को निर्देशित किया।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन अरुण कुमार ने जिला कारागार में निरुद्ध महिला बंदियों के उन बच्चों को भी सरकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए, जो अपने परिवार के साथ घर पर रह रहे हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने तथा पात्र बच्चों को विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी अभय कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मोहन झा, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नंद किशोर पाठक, संरक्षण अधिकारी रवि कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता भमरपाल सिंह, जिला कारागार अधीक्षक राजेंद्र कुमार तथा उप अधीक्षक अनन्या अत्री मौजूद रहीं।
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पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले शारिक नसीर वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के बदायूं ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज के साथ वह लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
