निगोहां में बारिश बनी आफत, घरों में घुसा पानी; घुटनों तक जलभराव
थाने के पास बने घरो में घुटनों तक भरा पानी, हनुमान मंदिर का रास्ता भी जलमग्न, सरकारी नाला पाटे जाने से जल निकासी बाधित होने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप
सिराज, मोहनलालगंज संवाददाता
मोहनलालगंज,लखनऊ। बारिश ने निगोहां कस्बे में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है थाने के पास जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से कई घर पानी से घिर गए, जबकि कुछ घरों के अंदर तक बारिश का पानी पहुंच गया। हालात ऐसे हो गए कि परिवारों को गृहस्थी का सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों पर रखना पड़ा। गलियों और रास्तों पर घुटनों तक पानी भरने से बच्चों समेत ग्रामीणों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। पास स्थित हनुमान मंदिर तक भी पानी पहुंचने से श्रद्धालुओं को मंदिर जाने में परेशानी हो रही है।

थाने के पास चंदन, रूपचंद, प्रेमचंद, प्रकाश, चंद्रपाल, बीरपाल और शुभम समेत कई परिवार वर्षों से झोपड़ी और कच्चे मकान बनाकर रह रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक पिछले वर्ष करीब पांच परिवारों को सरकारी आवास मिले थे। उन्हें उम्मीद थी कि पक्का आशियाना मिलने के बाद बारिश में परेशानी से निजात मिलेगी, लेकिन इस बार बारिश का पानी पक्के आवासों में भी घुस गया। इससे परिवारों की मुश्किलें और बढ़ गईं।प्रधान अभयकांत दीक्षित ने बताया कि बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी है। पानी की निकासी की व्यवस्था कराई जा रही है, जिससे प्रभावित परिवारों को जल्द राहत मिल सके।
घरों में पानी, खाना बनाना भी हुआ मुश्किल....
बारिश का पानी घरों में घुसने से चारपाई, कपड़े, अनाज समेत गृहस्थी का सामान प्रभावित हुआ। कई परिवारों के चूल्हे तक नहीं जल सके, जिससे उनके सामने भोजन तैयार करने की समस्या खड़ी हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं, सरकारी राशन की दुकान भी जलभराव की चपेट में आ गई। ग्रामीणों के मुताबिक दुकान के अंदर पानी भरने से बड़ी मात्रा में रखा राशन भीगकर खराब हो गया। इससे राशन के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
सरकारी नाला पाटने से बढ़ी मुसीबत....
ग्रामीणों ने जलभराव के पीछे सरकारी नाले पर अतिक्रमण को बड़ी वजह बताया है। उनका आरोप है कि कुछ लोगों ने नाले को पाट दिया है, जिससे बारिश के पानी की निकासी बाधित हो गई है। तेज बारिश होते ही पानी निकलने के बजाय आसपास के घरों और रास्तों में भर जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या कई वर्षों से बनी हुई है और हर बारिश में उन्हें इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं कराया गया।ग्रामीणों ने प्रशासन से सरकारी नाले की पैमाइश कराकर अतिक्रमण हटवाने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
