लोहिया संस्थान: ईसीएमओ को बताया गया उपचार का तरीका
— लोहिया संस्थान में ईसीएमओ कार्यशाला का आयोजन
लखनऊ। लोहिया संस्थान में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को ईसीएमओ उपचार की अवधारणा, मरीज के चयन, उपचार प्रबंधन, रक्तस्राव एवं रक्त के थक्के से बचाव, ईसीएमओ से मरीज को हटाने और उपचार बंद करने की प्रक्रिया के संबंध में सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
शनिवार को डॉ.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के एनेस्थीसिया विभाग की ओर से ईसीएमओ कार्यशाला का आयोजन किया गया। देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों द्वारा ईसीएमओ से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला के प्रारम्भिक सत्र में डॉ. सुनील पूबोनी ने ईसीएमओ का इतिहास एवं शरीर क्रिया विज्ञान विषय पर जानकारी दी । इसके बाद डॉ. प्रणय ओझा ने रक्त का थक्का बनने से रोकने की प्रक्रिया एवं एंटीकोएगुलेशन विषय पर प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी।
एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. प्रवीण कुमार दास ने ईसीएमओ से मरीज को धीरे-धीरे हटाने और उपचार बंद करने से पूर्व परीक्षण विषय पर बात की। उन्होंने ईसीएमओ पर उपचार प्राप्त कर रहे गंभीर मरीजों में उपचार समाप्त करने की प्रक्रिया,आवश्यक सावधानियों और मरीज की स्थिति के आकलन के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा अपने अनुभव एवं ज्ञान को साझा किया गया, जिससे प्रतिभागियों को गंभीर रूप से बीमार मरीजों के उपचार में ईसीएमओ के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग की जानकारी प्राप्त हो रही है। यह कार्यशाला संस्थान में अत्याधुनिक गहन चिकित्सा सेवाओं को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
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शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
