सावन में ‘गणेश बाबू’ की मनमानी, अंतत: करप्शन पर सस्पेंड...!
-एक दिन के मामले में विभागीय करप्शन पर दिखा जीरो टॉलरेंस, सस्पेंड, परिवहन विभाग ने पेश की नज़ीर
-जौनपुर एआरटीओ कार्यालय में पंजीकरण काउंटर पर तैनात बाबू के कथित रिश्वतखोरी का मामला
खरीदे गये नये पांच ट्रकों के वेरिफिकेशन को तीन दिनों तक रोके रखा, नहीं कट सकी फीस, पकड़ा तूल
वाहन स्वामी के अनुसार उक्त बाबू ने मांगे 50 हजार अलग से, नहीं देने पर मामला बढ़ा
व्यवस्था से आजिज होकर वाहन स्वामी ने पांचों ट्रकों को वहीं पर कर दिया खड़ा, लग गया जाम
लखनऊ। सावन माह में वैसे तो भोलेनाथ की महिमा का गुणगान किया जाता है, और उनके परिवार के सभी सदस्यों खासकर गणेश जी की भी खूब वंदना की जाती है। मगर यहां पर तो बाबा विश्वनाथ की काशी नगरी की बात करें तो बीते एक दिन से सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने पूरे परिवहन विभाग की मुख्यालय लखनऊ से लेकर जोन बनारस और स्थानीय परिवहन कार्यालय जौनपुर की किरकिरी कराकर रख दी।
जानकारी के तहत गत शुक्रवार दोपहर में वाहन मालिक विनय सिंह अपने पांच ट्रकों को लेकर एआरटीओ कार्यालय पहुंच गए और उन्हें कार्यालय के सामने खड़ा कर दिया। एक साथ पांच ट्रकों के खड़े होने से सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। विनय सिंह ने रजिस्ट्रेशन बाबू गणेशदत्त पर पांचों ट्रकों के रजिस्ट्रेशन के लिए कथित तौर पर 50 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। उनका कहना रहा कि उन्होंने पांचों ट्रकों के रजिस्ट्रेशन के लिए सभी जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए थे। इसके बावजूद करीब एक सप्ताह तक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई।
उनका आरोप था कि रिश्वत देने से इनकार करने पर फाइल को लगातार टाला जा रहा था। रजिस्ट्रेशन में देरी से नाराज विनय सिंह पांचों ट्रकों को लेकर सीधे एआरटीओ कार्यालय पहुंच गए। ट्रकों को सड़क पर खड़ा करने के बाद वहां जाम लग गया और बड़ी संख्या में लोग जुट गए। जौनपुर में एआरटीओ कार्यालय में कथित घूसखोरी की शिकायत की जांच के लिए शनिवार को उप परिवहन आयुक्त भीमसेन सिंह और एआरटीओ प्रशासन राघवेंद्र सिंह पहुंचे।
अधिकारियों के पहुंचते ही कार्यालय में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान उप परिवहन आयुक्त ने रजिस्ट्रेशन पटल पर तैनात बाबू गणेशदत्त को वहां से हटा दिया। उन्हें अब डिस्पैच पटल का कार्यभार सौंपा गया है।उप परिवहन आयुक्त भीमसेन सिंह ने बताया कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। आवश्यक लिखापढ़ी करने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं इससे एक दिन पूर्व जब यह मामला सोशल मीडिया के जरिये किसी तरह परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन के संज्ञान में पहुंची तो उन्होंने उक्त बाबू के विभागीय कामकाज का त्वरित फीडबैक लेते हुए संबंधित संभागीय परिवहन कार्यालय को तत्काल उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिये। जिस पर उसी समय आरटीओ प्रशासन बनारस ने उन्हें जानकारी दी कि उक्त बाबू के पटल परिवर्तन को लेकर वो पहले ही जौनपुर परिवहन कार्यालय को निर्देशित कर चुके हैं। जबकि यहां एआरटीओ प्रशासन जौनपुर अजीत सिंह विभागीय प्रशिक्षण के मद्देनजर लखनऊ उपाम में दो दिनों तक रहे।
शनिवार सुबह वापस समय से कार्यालय पहुंचने पर उन्होंने अपने उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार उक्त बाबू के पटल परिवर्तन की अनुशासनात्मक कार्रवाई को पूरा कराया और पीड़ित वाहन स्वामी को आश्वस्त किया कि जो भी वाहन संबंधी प्रक्रियागत कार्य वो कभी नहीं अटकेगा। वहीं तरूणमित्र टीम से देर शाम बातचीत में डीटीसी जोन बनारस भीमसेन ने कहा कि जांच में उक्त बाबू प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया, उसे पटल से हटा दिया गया है और पूरी जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गयी है और अब आगे की विभागीय कार्रवाई उसी स्तर से उच्चाधिकारियों के निर्देशन में होगी।
इससे इतर उक्त बाबू ने अपने उप्र संभागीय परिवहन कर्मचारी संष शाखा जौनपुर का अध्यक्ष दर्शाते हुए यह लेटर जारी किया है कि उसकी कोई गलती नहीं है और वायरल वीडियो में उसका नाम लेकर उसकी विभागीय व समाजिक छवि को धूमिल किया जा रहा और आगे मांग की है कि उक्त के खिलाफ विभागीय स्तर से प्राथमिकी दर्ज करायी जाये। इसके बाद अंतत: विभाागीय भ्रष्टाचार को लेकर जिस प्रकार से विभगाीय एचओडी टीसी ने त्वरित संज्ञान लिया और अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया तो उसका नतीजा यह हुआ कि अपने मनमाने ढंग से काम करने वाला परिवहन बाबू आखिरकार निलंबित हो गया।
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लेखक के बारे में
पिछले छह वर्षों से क्राइम रिपोर्टिंग में सक्रिय सत्य प्रकाश भारती अपराध से जुड़े मामलों पर गहरी पकड़ रखते हैं। तथ्यपरक रिपोर्टिंग और संतुलित प्रस्तुति उनकी कार्यशैली की पहचान है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ में कार्यरत हैं।
