मेरठ में 1.35 लाख रुपये की रिश्वत लेते प्राचार्य गिरफ्तार
टेंडर जारी रखने और बिलों के भुगतान के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप
एंटी करप्शन टीम ने ट्रैप लगाकर की कार्रवाई
लखनऊ। भ्रष्टाचार के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार निवारण संगठन, उत्तर प्रदेश की मेरठ इकाई ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। टीम ने सहकारी डेयरी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, परतापुर मेरठ की प्राचार्य वंदना सिंह को कथित तौर पर 1 लाख 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन के मुताबिक, राजभवन फौजी कॉलोनी, मवाना रोड निवासी अमित सिवाच की ओर से शिकायत की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी फर्म का टेंडर जारी रखने और बिलों का भुगतान करने के एवज में अवैध धनराशि की मांग की जा रही है।
शिकायत के बाद बनाई गई कार्रवाई की योजना
शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन की मेरठ इकाई ने मामले की जांच और ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। सोमवार को निरीक्षक श्रीमती अर्चना के नेतृत्व में टीम ने सहकारी डेयरी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, परतापुर में कार्रवाई की।
संगठन के अनुसार, कार्रवाई के दौरान संस्थान की प्राचार्य वंदना सिंह को 1.35 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
संस्थान में तैनात हैं आरोपी प्राचार्य
भ्रष्टाचार निवारण संगठन के अनुसार गिरफ्तार की गईं वंदना सिंह सहकारी डेयरी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, परतापुर मेरठ में प्राचार्य के पद पर तैनात हैं। विभागीय विवरण के मुताबिक उनका पता नोएडा के सेक्टर-79 स्थित एक आवासीय परिसर का बताया गया है।
टेंडर और बिल भुगतान से जुड़ा है मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता की फर्म से संबंधित टेंडर को जारी रखने और उसके बिलों का भुगतान करने के एवज में रिश्वत मांगे जाने का आरोप है। इसी शिकायत के आधार पर टीम ने ट्रैप कार्रवाई की।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद मामले में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई के संबंध में आगे की प्रक्रिया जांच और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत की जाएगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई कार्रवाई के रूप में सामने आई है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन के अनुसार, शासन और पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के क्रम में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।फिलहाल मामले में भ्रष्टाचार निवारण संगठन की कार्रवाई के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
