यूपी-दिल्ली समेत छह राज्यों में बढ़ा स्वाइन फ्लू का कहर
खांसी-जुकाम होने पर सावधानी बरतें
उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत छह राज्य स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 वायरस की चपेट में हैं। राष्ट्रीय राजधानी में अब तक 1,777 मामले सामने आ चुके हैं।
वहीं, उत्तर प्रदेश में 337, हरियाणा में 119 और पंजाब में 93 संक्रमितों की पुष्टि हो चुकी है। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए कई राज्यों ने एडवाइजरी जारी कर अस्पतालों को अलर्ट मोड में रहने को कहा है।
हालांकि, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। वर्तमान में फैल रहा स्वाइन फ्लू वायरस कोई नया वेरिएंट नहीं है। यह 2025 से ही देश में मौजूद है और लगातार निगरानी में है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच स्थिति की समीक्षा की। इसमें बीमारी की निगरानी, जांच, अस्पतालों की तैयारी और समय पर इलाज के निर्देश दिए गए। सभी राज्यों से निगरानी बढ़ाने और गंभीर मरीजों की जल्द पहचान करने को कहा गया है।
दिल्ली में इस साल अब तक इंफ्लूएंजा-ए के 2,392 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 1,777 एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले हैं।
पिछले साल इसी अवधि में 229 मामले थे, यानी इस साल स्वाइन फ्लू के मामलों में करीब आठ गुना बढ़ोतरी हुई है। 20 अगस्त को एक दिन में ही 114 मामले सामने आए। इसके अलावा एच3 के 138 और एच1 के 37 मामलों की पुष्टि हुई है।
यूपी में 20 अगस्त तक मिले मामलों में सर्वाधिक एनसीआर के। मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर के 11 मरीजों का इलाज चल रहा है
विश्व स्वास्थ्य संगठन की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा, यह मानसून के कारण होने वाला मौसमी इन्फ्लूएंजा है। बेहतर निगरानी और अधिक टेस्टिंग से मामलों की संख्या ज्यादा दिखाई दे रही है।
घबराने की जरूरत नहीं है, हालांकि उच्च जोखिम वाले लोग सतर्क रहें। भीड़ में जाने से बचें। खांसी-जुकाम होने पर सावधानी बरतें।
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माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
