कैशलेस चिकित्सा से वंचित शिक्षणेत्तर कर्मचारी करेंगे आंदोलन, 7 अगस्त को लखनऊ में होगा शक्ति प्रदर्शन
देवरिया। माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा में भेदभाव का आरोप लगाते हुए आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। उत्तर प्रदेश शिक्षणेत्तर कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर सात अगस्त को लखनऊ स्थित महानिदेशक कार्यालय पर प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन होगा। इसे सफल बनाने के लिए देवरिया समेत विभिन्न जिलों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
महासंघ के प्रदेश सचिव आलोक राय ने कहा कि सरकार ने कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को तो दे दिया, लेकिन तृतीय श्रेणी, चतुर्थ श्रेणी और संविदा पर कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को इससे बाहर रखा गया है। उनका कहना है कि कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा से वंचित रखना न्यायसंगत नहीं है। इससे प्रदेशभर के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों में गहरा असंतोष है।
धरने की तैयारी के तहत देवरिया में मंडल अध्यक्ष संजय राय और वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष शैलेन्द्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में विद्यालयों में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। कर्मचारियों से अधिक से अधिक संख्या में लखनऊ पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की जा रही है। जिला मंत्री आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि आंदोलन की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए लगातार वर्चुअल बैठकें आयोजित की जा रही हैं। उनका दावा है कि देवरिया से सैकड़ों शिक्षणेत्तर कर्मचारी धरने में शामिल होंगे।
महासंघ का कहना है कि यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। कर्मचारियों का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं में समानता सुनिश्चित कराना है, ताकि शिक्षकों की तरह शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ मिल सके।
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