उतरौला में लाउडस्पीकर का शोर बढ़ा, राहगीर और दुकानदार परेशान
विक्रेताओं के लाउडस्पीकर के तेज शोर से बातचीत करना हुआ मुश्किल
मोहम्मद अय्यूब, उतरौला संवाददाता
उतरौला (बलरामपुर)। इन दिनों फल और सब्जी विक्रेताओं द्वारा अपने सामान की बिक्री बढ़ाने के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) का इस्तेमाल एक नई आमदनी बढ़ाने की रणनीति बन चुकी है। हालांकि, इस नए तरीके से व्यापारियों को फायदा तो हो रहा है, लेकिन स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए यह परेशानी का सबब बन गया है। विक्रेताओं द्वारा इन ध्वनि विस्तारक यंत्रों की आवाज इतनी तेज कर दी जाती है कि आसपास के लोगों को एक-दूसरे से बात करने में कठिनाई होती है।
उतरौला के मुख्य बाजार, बस स्टैंड और विभिन्न प्रमुख सड़कों पर यह दृश्य आम हो गया है, जहां फल और सब्जी विक्रेता अपने ठेलों पर लाउडस्पीकर लगाकर सब्जियों और फलों की बिक्री के लिए जोर-जोर से आवाजें लगाते हैं। ध्वनि का स्तर इतना ऊंचा होता है कि पास से गुजरने वाले राहगीर और स्थानीय दुकानदारों को सामान्य बातचीत करने में मुश्किल होती है। इस शोर-शराबे से न केवल लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है, बल्कि ध्वनि प्रदूषण भी तेजी से बढ़ रहा है।
स्थानीय निवासी और दुकानदार इस समस्या से काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों की तेज आवाज से काम करना मुश्किल हो गया है, खासकर उन लोगों के लिए जो दुकानों में बैठकर व्यापार करते हैं। कई लोग इस शोरगुल के चलते ग्राहकों से सही ढंग से बात भी नहीं कर पाते हैं, जिससे उनके व्यापार पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
इसके अलावा, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग इस शोरगुल से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। लगातार ध्वनि प्रदूषण के कारण लोगों को सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि वे इस मामले पर ध्यान दें और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर उचित नियंत्रण लगाएं ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
हालांकि,इन फल और सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग उन्हें अधिक ग्राहकों तक पहुंचने में मदद करता है और उनकी बिक्री बढ़ाने का यह एक आसान तरीका है। लेकिन इस तकनीक के उपयोग के चलते सार्वजनिक असुविधा और ध्वनि प्रदूषण को नजरअंदाज करना उचित नहीं है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस को चाहिए कि वे जल्द ही इस समस्या पर ध्यान दें और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए सख्त नियम लागू करें, ताकि एक संतुलित माहौल बनाया जा सके जहां विक्रेता भी अपने व्यापार को आगे बढ़ा सकें और लोगों को भी राहत मिल सके।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
