खाद्य प्रसंस्करण में युवाओं, महिला का बढ़ा रुझान
खाद्य प्रसंस्करण में युवाओं, महिला का बढ़ा रुझान
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति से प्रदेश में निवेश, औद्योगिक विकास, कृषि मूल्य संवर्धन, रोजगार सृजन तथा किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को नई गति मिल रही है। उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी खाद्य प्रसंस्करण राज्यों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नवयुवकों का रुझान पारम्परिक एवं पुश्तैनी व्यवसायों से आगे बढ़कर आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना की ओर बढ़ रहा है। साथ ही महिला उद्यमी भी इस क्षेत्र में बढ़-चढ़कर निवेश कर रही हैं, जो प्रदेश में उद्यमिता एवं महिला सशक्तिकरण के लिए शुभ संकेत है। उत्तर प्रदेश आज खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए सुरक्षित, अनुकूल एवं आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में तेजी से उभर रहा है।
अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बी एल मीणा ने बताया कि इस क्षेत्र में कुल 3.50 इकाइयाँ स्थापित कर उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश के लगभग 200 युवा, जो विदेशों में कार्यरत थे, द्वारा अपने उद्यम प्रदेश में स्थापित किये गये हैं. उत्तराखण्ड, बिहार, गुजरात, राजस्थान आदि राज्यों के उद्यमियों द्वारा प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किये गये हैं।
उन्होंने कहा कि 4 लाख से अधिक कृषकों के उत्पाद को संयंत्रों में खरीद कर आचार, जूस, माइकोनी, पास्ता, रेडी टू ईट फूड, शहद वाइन, मूंगफली एवं गुड के उत्पाद, आईसक्रीम एवं आईसक्रीम कोन, निर्यात हेतु चिकोरी, ब्रान आयल आदि की स्थापना की गयी है। इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार उपलब्ध हुआ। बिस्कुट, पल्प, सब्जी उत्पाद, शहद उत्पाद एवं चिकोरी का निर्यात जापान, चीन, आस्ट्रेलिया, गल्फ के देशों, अमेरिका आदि में कर करीब एक्सपोर्ट में 5000 करोड़ की वृद्धि हुई है एवं प्रदेश दूसरे स्थान पर आ गया है।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
