दो मासूमों की किलकारी के बीच छिन गया मां का साया
रक्षाबंधन पर प्रसूता की मौत से घर में मचा कोहराम
सिराज, मोहनलालगंज संवाददाता
- नगराम क्षेत्र के समेसी में स्थित केयर नर्सिंग होम में इलाज के दौरान बिगड़ी हालत, परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर शव रखकर किया प्रदर्शन
मोहनलालगंज, लखनऊ। नगराम क्षेत्र के समेसी मजरा कंचनखेड़ा गांव में रक्षाबंधन का त्योहार एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल गया। प्रसव के बाद दो जुड़वा बच्चों को जन्म देने वाली 23 वर्षीय प्रसूता दीपा की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को अस्पताल के बाहर रखकर जमकर प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने परिजनों को जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
समेसी मजरा कंचनखेड़ा निवासी अरविंद धीमान ने बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर उन्होंने अपनी पत्नी दीपा (23) को बीते मंगलवार को समेसी बाजार स्थित केयर नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। बुधवार को सिजेरियन ऑपरेशन से दीपा ने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। एक साथ दो बच्चों के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल था और रक्षाबंधन से पहले घर में आई इस दोहरी खुशी से परिजन बेहद उत्साहित थे।
परिजनों के मुताबिक रक्षाबंधन वाले दिन शुक्रवार की सुबह करीब सात बजे दीपा की हालत अचानक बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि पेशाब नहीं होने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई। हालत गंभीर होने पर अस्पताल संचालक ने आनन-फानन उसे इलाज के लिए मोहनलालगंज के एक निजी अस्पताल भेज दिया। वहां मौजूद चिकित्सक ने भी हालत गंभीर देखते हुए उसे लखनऊ के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार लखनऊ पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस में दीपा ने दम तोड़ दिया।परिजन शव लेकर दोपहर करीब दो बजे वापस केयर नर्सिंग होम पहुंचे और अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।सूचना पर पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे एसएसआई उमाशंकर सिंह ने आक्रोशित परिजनों को समझाया-बुझाया। उन्होंने लिखित शिकायत देने पर मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
करीब तीन घंटे बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।एसएसआई उमाशंकर सिंह ने बताया कि पीड़ित परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर सीएमओ को रिपोर्ट भेजी जाएगी। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
तीन साल पहले भी सामने आया था जच्चा-बच्चा की मौत का मामला..
केयर नर्सिंग होम को लेकर करीब तीन साल पहले भी जच्चा-बच्चा की मौत का मामला सामने आ चुका है। 11 सितंबर 2023 को अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा और बच्चा की मौत के मामले में अस्पताल संचालक डॉ. एमडी हुसैन व उनकी पत्नी, सतगुरु प्रसाद और डॉ. प्रिंस के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था। तत्कालीन नगराम सीएचसी अधीक्षक डॉ. ज्योति कांबले ने अस्पताल को सील कर दिया था।
गोसाईंगंज के भट्ठी बरकत नगर निवासी राजेंद्र ने अपनी गर्भवती पत्नी रेनू को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों के अनुसार रेनू को ओटी में ले जाने के बाद कई घंटे तक प्रसव नहीं हुआ और अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया था। लखनऊ ले जाते समय रेनू और उसके बच्चे की मौत हो गई थी।
अब फिर उठे सवाल..
दो जुड़वा बच्चों को जन्म देने के बाद प्रसूता की मौत और तीन साल पहले सामने आए जच्चा-बच्चा की मौत के मामले ने निजी अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था और इलाज में बरती गई सावधानियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि प्रसूता की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
