लखनऊ को मिली खुशबू और हरियाली की नई सौगात, राजनाथ सिंह ने फ्रेगरेंस पार्क का किया लोकार्पण
रक्षा मंत्री बोले- विकास ऐसा हो जो कागजों पर नहीं, लोगों की जिंदगी में महसूस हो; 43 करोड़ की परियोजनाओं का भी शिलान्यास
लखनऊ। रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने शनिवार को राजधानी को हरियाली, सुगंध, सुकून और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी सौगात दी। चौक क्षेत्र में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई) की ओर से विकसित फ्रेगरेंस पार्क का लोकार्पण करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक शहर वही है, जहां सुविधाओं के साथ लोगों को विश्राम, मनोरंजन और प्रकृति से जुड़ाव के लिए भी स्थान मिलें।
उन्होंने कहा कि विकास ऐसा होना चाहिए, जो केवल कागजों पर दिखाई न दे, बल्कि लोगों के जीवन में महसूस हो। इस अवसर पर पार्क परिसर में पंजाब केसरी लाला लाजपत राय और शहीद-ए-आजम भगत सिंह की आदमकद प्रतिमाओं का अनावरण किया गया। साथ ही करीब 43 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया।
ये खबर भी पढ़े : नेपाल त्रासदी पर नेताओं ने जताया दुख, केंद्र-यूपी सरकार ने हरसंभव मदद का दिया भरोसाराजनाथ सिंह ने कहा कि पार्क केवल शहर की सुंदरता बढ़ाने वाले स्थल नहीं हैं, बल्कि महत्वपूर्ण सामाजिक अवसंरचना के रूप में भी काम करते हैं। ऐसे सार्वजनिक स्थल लोगों को एक-दूसरे के करीब लाते हैं और व्यस्त जीवनशैली में सामाजिक संबंधों को मजबूत करने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि फ्रेगरेंस पार्क लखनऊ की खूबसूरती में नई खुशबू जोड़ने के साथ लोगों को प्रकृति के करीब आने का अवसर देगा।
उन्होंने कहा कि पार्क का नाम लाला लाजपत राय के नाम पर रखा गया है, जबकि यहां भगत सिंह की प्रतिमा भी स्थापित की गई है। दोनों महान स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाएं नई पीढ़ी को उनके संघर्ष, साहस और बलिदान से परिचित कराने का माध्यम बनेंगी। उन्होंने कहा कि लाला लाजपत राय और भगत सिंह अलग-अलग पीढ़ियों से थे, लेकिन राष्ट्र के प्रति समर्पण और स्वतंत्रता के साझा लक्ष्य ने दोनों को जोड़ा था। दोनों की प्रतिमाएं अनुभव और युवा ऊर्जा के प्रतीकात्मक संवाद को दर्शाती हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए अनुभव और युवा ऊर्जा दोनों जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि हर पीढ़ी की देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सामाजिक विभाजन और संकीर्ण हितों का फायदा उठाकर देश को कमजोर करने वाली ताकतों के प्रति भी लोगों को सावधान किया।
‘बौद्धिक नक्सलवाद’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी प्रवृत्तियां दीमक की तरह चुपचाप काम कर सकती हैं और समाज को इनके प्रति सतर्क रहना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत चंदन का पौधा रोपा।
एनबीआरआई ने पार्क में विभिन्न सुगंधित एवं औषधीय पौधे लगाए हैं। समारोह में भारत विभाजन की 80 वर्ष पूर्व हुई मानवीय त्रासदी पर केंद्रित लघु फिल्म तथा लखनऊ में चल रहे विकास कार्यों पर एलडीए की लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
इसी क्रम में गोमतीनगर के विशाल खंड में राजनाथ सिंह ने श्रीराम सीनियर सिटिजन होम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके सम्मान, सुरक्षा तथा गरिमापूर्ण जीवन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को ऐसा वातावरण मिलना चाहिए, जहां वे अकेलेपन से दूर रहकर स्वस्थ, सक्रिय और सम्मानजनक सामाजिक जीवन जी सकें। श्रीराम सीनियर सिटिजन होम में सुसज्जित कमरे, डाइनिंग एरिया, कॉमन रूम, गार्डन और प्रशिक्षित स्टाफ की व्यवस्था की गई है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
