घायल युवक को पीजीआई ने दी नई जिंदगी
लखनऊ। गोलियों से घायल युवक को पीजीआई के डॉक्टरों ने नया जीवनदान दिया। गोलियां मरीज के पेट में जा लगी थी। जिसके कारण काफी खून बह जाने से गंभीर स्थिति बनी हुई थी। हालांकि अब पूरी तरह स्वस्थ है। ऑपरेशन टीम में प्रो.अमित कुमार सिंह, एडिशनल चीफ एवं ट्रॉमा सर्जन ने बताया कि गोंडा निवासी अभय पांडेय, पुत्र राज कुमार पांडेय, को जमीनी विवाद के चलते नौ अगस्त को नवाबगंज के पास खरगूपुर गांव में गोली मार दी गई थी।
उन्होंने बताया गंभीर अवस्था में उन्हें एपेक्स ट्रॉमा सेंटर, पीजीआई लाया गया। ग्यारह अगस्त को उनका ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के दौरान पेट में लगभग एक लीटर रक्त पाया गया और पेट, डुओडेनम (छोटी आंत का प्रथम भाग) और सीकम (बड़ी आंत का भाग) में कई गोलियों की चोटें मिलीं। ट्रामा टीम ने इन जटिल चोटों का सफलतापूर्वक उपचार किया।
गहन चिकित्सा एवं बहु-विषयक उपचार के बाद अभय की स्थिति में लगातार सुधार हुआ और उन्हें 25 अगस्त को सफलतापूर्वक डिस्चार्ज कर दिया गया।
ऑपरेशन टीम में प्रो.अमित कुमार सिंह, एडिशनल चीफ एवं ट्रामा सर्जन; डॉ. वरुण गुप्ता एवं डॉ. आदित्य सिंह, सीनियर रेजिडेंट, ट्रॉमा सर्जरी शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. गणपत प्रसाद, एडिशनल प्रोफेसर; डॉ. प्रतीक सिंह बैस, एडिशनल प्रोफेसर, डॉ. दीक्षा एवं डॉ. निखिल, सीनियर रेजिडेंट तथा डॉ. नबील, जूनियर रेजिडेंट तो वहीं उपचार में ओटी टेक्नीशियन अमित और आईसीयू टीम के ओम प्रकाश, मयंक बंसल, राहुल कुमार, पायल नेगी एवं दिव्यांशी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
पीजीआई के निदेशक ने पूरी टीम को बधाई देते हुए इस जटिल पेनेट्रेटिंग एब्डोमिनल ट्रामा के सफल उपचार की सराहना की तथा ट्रॉमा सर्जरी, एनेस्थीसिया, ओटी और आईसीयू टीम के समन्वित प्रयासों की प्रशंसा की। एपेक्स ट्रामा सेंटर,पीजीआई गंभीर चोटों में विशेषज्ञ उपचार और जीवन बचाने की प्रतिबद्धता।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
