कटान रोकने को लगे जियो बैग,फिर भी घाटों पर खनन जारी,विभाग जानकार बना अनजान
राकेश यदुवंशी
बेलरायां-खीरी,24 जून(तरुणमित्र)। सिंगाही-बेलरायां नेशनल हाईवे के किनारे डाक्टर सेठी की अमरूद की बाग से लेकर जमुनी, भट्टा घाट और जौहरा घाट तक सरयू नदी के किनारे सफेद रेती बालू के अवैध खनन के आरोप लगाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन माफियाओं द्वारा जेसीबी मशीनों से बड़े पैमाने पर बालू निकाली जा रही है, जिससे नदी के साथ बह रहे नाले की दिशा और दशा भी प्रभावित हो रही है।
बताया जा रहा है कि सरयू नदी के मोतीपुर पुल के पास नदी के कटान को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने लाखों रुपये खर्च कर जियो बैग लगाए हैं, लेकिन इसके कुछ ही दूरी पर घाटों से कथित अवैध खनन जारी रहने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि नदी में चल रही जेसीबी मशीनों की आवाज और सिंगाही-बेलरायां हाईवे पर सफेद रेती से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियों की आवाजाही के बावजूद पुलिस, खनन विभाग और राजस्व विभाग प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
गौरतलब है कि कुछ माह पहले मोतीपुर के भौंका घाट पर खनन निरीक्षक आशीष सिंह ने अवैध बालू खनन करते लोगों को पकड़ा था। आरोप है कि इस दौरान खनन अधिकारी के साथ मारपीट और असलहा लगाकर धमकाने की घटना हुई थी, जिस पर सिंगाही थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने एक आरोपी को जेल भेजा था, जबकि कुछ आरोपियों को न्यायालय से राहत मिलने के बाद दोबारा खनन शुरू होने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले कुछ लोग अब बड़े स्तर पर जेसीबी मशीनों और भट्ठों के संचालन से जुड़े दिखाई दे रहे हैं, जिससे अवैध खनन को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
ये खबर भी पढ़े : बुलंदशहर: एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई, मंडी सचिव एक लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तारवहीं जिला खनन निरीक्षक आशीष सिंह ने बताया कि अवैध खनन करने वालों के खिलाफ जांच कर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
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पिछले एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय विजय पाल खबरों की तेज़ समझ और ज़मीनी पकड़ के लिए जाने जाते हैं। रिपोर्टिंग और समाचार लेखन के क्षेत्र में उन्होंने निरंतर काम किया है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।
