लखनऊ में औद्योगिक उपलब्धि: योगी बोले प्लांट के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न हो
मुख्यमंत्री ने टाटा प्लांट में 10 लाखवीं बस को किया फ्लैग ऑफ
टीमवर्क, ईमानदारी और कृतज्ञता को बताया सफलता का मूल मंत्र
- यूपी को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम
- इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और निवेश माहौल में बदलाव पर जोर
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को टाटा मोटर्स के लखनऊ प्लांट से 10 लाखवीं बस को फ्लैग ऑफ करते हुए इसे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने इस मौके पर स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी स्थिति में बाहरी तत्वों को किसी समूह या प्लांट के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि इससे संगठन की एकता और कार्यसंस्कृति प्रभावित होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 34 वर्षों की यह यात्रा केवल एक औद्योगिक उपलब्धि नहीं, बल्कि ‘टाटा के ट्रस्ट’ और उत्तर प्रदेश की बदलती कार्य संस्कृति, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तथा निवेश अनुकूल वातावरण का प्रतीक है। उन्होंने इसे राज्य को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम बताया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी ने टीमवर्क, कृतज्ञता और ईमानदारी को किसी भी संस्थान की सफलता का आधार बताया। उन्होंने कहा कि हर कार्मिक को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता के साथ करना चाहिए। ‘बिगाड़ने वाले बहुत मिलते हैं, लेकिन बनाने वाले कम होते हैं,’ यह कहते हुए उन्होंने कर्मचारियों से संगठन को परिवार की तरह समझने और उसकी एकता बनाए रखने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज निवेश और उत्पादन के लिए आकर्षक केंद्र बन चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में देश के कुल एक्सप्रेसवे का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा है, जो जल्द ही बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा। बेहतर सड़क नेटवर्क, मजबूत कानून-व्यवस्था और उन्नत कनेक्टिविटी ने औद्योगिक विकास की मजबूत नींव रखी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार 25 करोड़ की जनसंख्या और 56 प्रतिशत युवा वर्कफोर्स को स्किल, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी से जोड़कर इंडस्ट्री-रेडी बना रही है। इससे प्रदेश की विकास गति और तेज हो रही है। मुख्यमंत्री ने ‘मोमेंटम’ की अवधारणा को समझाते हुए कहा कि यह ‘मास’ और ‘वेलोसिटी’ का संयोजन है। उत्तर प्रदेश की विशाल जनसंख्या इसकी ताकत है, जबकि डबल इंजन सरकार की डबल स्पीड इसकी गति को बढ़ा रही है।
उन्होंने टाटा समूह की सराहना करते हुए कहा कि ‘टाटा मतलब ट्रस्ट’ केवल एक धारणा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों का अनुभव है। उन्होंने बताया कि लखनऊ प्लांट 5600 से अधिक कर्मचारियों के साथ रोजगार और स्किल डेवलपमेंट का प्रमुख केंद्र बन चुका है और हजारों परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह प्लांट समय के साथ डीजल से सीएनजी और अब इलेक्ट्रिक व डिफेंस वाहनों के उत्पादन की ओर बढ़ते हुए तकनीकी प्रगति का उदाहरण बन गया है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
