बड़े बैनामों पर डीएम की पैनी नजर, सिविल लाइंस पहुंचकर खुद की पड़ताल
चार बड़े बैनामों की मौके पर जांच, स्टांप शुल्क,सर्किल रेट और बाजार मूल्य का कराया मिलान
ललित वर्मा
लखीमपुर-खीरी,25 जुलाई(तरुणमित्र)। जिले में बड़े बैनामों की जांच अब फाइलों तक सीमित नहीं रहेगी। राजस्व हितों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार को डीएम अंजनी कुमार सिंह ने नगर पालिका परिषद लखीमपुर के मोहल्ला सिविल लाइंस पहुंचकर 04 बड़े बैनामों की मौके पर जांच की। डीएम के औचक निरीक्षण से स्टांप एवं निबंधन विभाग के अधिकारियों में हलचल मच गई।
डीएम ने पहले उप निबंधक कार्यालय के अभिलेखों का अवलोकन किया, इसके बाद तहसील व नगर पालिका परिषद लखीमपुर के मोहल्ला सिविल लाइंस पहुंचकर 04 बैनामों में दर्ज भूमि की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर भूमि का स्वरूप, निर्माण की स्थिति, क्षेत्रफल, बाजार मूल्य और लगाए गए स्टांप शुल्क का बारीकी से सत्यापन कराया। कई बिंदुओं पर नक्शों और राजस्व अभिलेखों का मौके की स्थिति से मिलान भी किया गया।
निरीक्षण के दौरान सहायक महानिरीक्षक (स्टांप) अमिताभ कुमार एवं राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही। डीएम ने अधिकारियों से सर्किल रेट, संपत्ति के मूल्यांकन और स्टांप शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन बैनामों में कम मूल्यांकन, राजस्व क्षति या नियमों के उल्लंघन की आशंका होगी, उनकी गहन जांच कराई जाएगी।
डीएम ने एआईजी स्टांप को निर्देश दिए कि प्रत्येक संदिग्ध बैनामे की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए। यदि कहीं स्टांप शुल्क की चोरी, संपत्ति का गलत मूल्यांकन अथवा नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शासन के राजस्व हित सर्वोपरि हैं और किसी भी स्तर पर राजस्व की क्षति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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पिछले एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय विजय पाल खबरों की तेज़ समझ और ज़मीनी पकड़ के लिए जाने जाते हैं। रिपोर्टिंग और समाचार लेखन के क्षेत्र में उन्होंने निरंतर काम किया है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।
