मुख्यमंत्री की घोषणाओं से बिजली कर्मियों को वंचित रखना अन्यायपूर्ण: संघर्ष समिति
ऊर्जा निगम के संविदा कर्मियों को आउटसोर्स सेवा निगम में शामिल करने की मांग
- प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने तथा 20 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण कराने के निर्णय का स्वागत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आउटसोर्स सेवा निगम को सुदृढ़ बनाने, उसके प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने तथा 20 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने के निर्णय का स्वागत करते हुए विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश के ऊर्जा निगमों में कार्यरत हजारों संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों को आज भी आउटसोर्स सेवा निगम के दायरे से बाहर रखा गया है। परिणामस्वरूप मुख्यमंत्री द्वारा आउटसोर्स सेवा निगम के लिए की जा रही कल्याणकारी एवं विकासात्मक घोषणाओं का कोई लाभ बिजली क्षेत्र के संविदा कर्मियों को नहीं मिल पा रहा है।
संघर्ष समिति ने कहा कि समिति द्वारा लगातार यह मुद्दा उठाए जाने के बावजूद उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ऊर्जा निगमों के संविदा कर्मियों को आउटसोर्स सेवा निगम में शामिल करने के लिए तैयार नहीं है। जबकि प्रदेश सरकार द्वारा अप्रैल 2026 में स्पष्ट कर दिया गया है कि ऊर्जा निगमों के संविदा कर्मियों को आउटसोर्स सेवा निगम से अलग रखने का कोई औचित्य नहीं है।
ये खबर भी पढ़े : जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में हाई डिपेंडेंसी यूनिट शुरू, गंभीर गर्भवतियों को मिलेगी 24 घंटे विशेषज्ञ निगरानी : डॉ. रेनू गुप्ताउन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने शासन को पत्र लिखकर ऊर्जा निगमों के संविदा कर्मियों को आउटसोर्स सेवा निगम में शामिल न किए जाने का आग्रह किया था। किंतु शासन द्वारा इस पर स्पष्ट मत दिए जाने के बाद भी प्रबंधन अपनी हठधर्मिता पर अड़ा हुआ है और संविदा कर्मियों को निगम के लाभों से वंचित रखे हुए है।
संघर्ष समिति ने कहा कि निजीकरण की नीतियों के कारण पहले ही बड़ी संख्या में संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं। जो कर्मचारी कार्यरत हैं, वे अत्यंत कम वेतन पर कठिन परिस्थितियों में कार्य कर रहे हैं। अब उन्हें आउटसोर्स सेवा निगम से मिलने वाले सामाजिक एवं आर्थिक लाभों से भी वंचित रखना उनके साथ गंभीर अन्याय है।
संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया है कि वे ऊर्जा निगम प्रबंधन को तत्काल निर्देश दें कि प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों के संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम में शामिल किया जाए तथा उन्हें निगम के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने वाले सभी लाभ तत्काल प्रदान किए जाएं।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
