नर्सेस संघ ने वर्दी भत्ते के शासनादेश का किया स्वागत
— दरों को बताया अपर्याप्त समीक्षा की मांग : महामंत्री अशोक
लखनऊ। राजकीय नर्सेस संघ ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा बीस जुलाई को जारी वर्दी भत्ता, वर्दी नवीनीकरण एवं धुलाई भत्ता संबंधी शासनादेश का स्वागत किया है। संघ के अनुसार, यह मांग पिछले दस वर्षों से लंबित थी, जिस पर आखिरकार शासन ने निर्णय लिया है। शासन द्वारा जारी नए शासनादेश के तहत वर्दी भत्ते को ₹2500 से बढ़ाकर ₹4500 और धुलाई भत्ते को ₹100 से बढ़ाकर ₹150 प्रतिमाह किया गया है।
राजकीय नर्सेस संघ के महामंत्री अशोक कुमार ने इस बढ़ोतरी को निराशाजनक बताते हुए कहा कि वर्तमान महंगाई और दैनिक वास्तविक खर्चों की तुलना में यह वृद्धि अत्यंत अपर्याप्त है।
महामंत्री अशोक बताते है कि संघ की स्पष्ट मांग है कि चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सभी नर्सिंग अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रदेश के प्रमुख स्वायत्त संस्थानों—जैसे संजय गांधी पीजीआई और केजीएमयू लखनऊ, उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान—के समान ही वर्दी भत्ता और अन्य सुविधाएं दी जाएं। सरकार से शासनादेश की समीक्षा करने की अपील राजकीय नर्सेस संघ उत्तर प्रदेश के महामंत्री अशोक कुमार ने उत्तर प्रदेश सरकार से इस शासनादेश की तत्काल पुनः समीक्षा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को सभी स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभागों के नर्सिंग स्टाफ को प्रदेश के शीर्ष संस्थानों के बराबर सुविधाएं देनी चाहिए ताकि सभी कर्मियों के साथ समानता और न्याय सुनिश्चित हो सके।
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शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
