भाजयुमो नेता अजय शर्मा ने की आत्महत्या, प्रेम प्रसंग में तनाव का सुसाइड नोट मिला
अलीगढ़ । अलीगढ़ के बेगम बाग इलाके में रहने वाले 27 वर्षीय अजय शर्मा, जो अपने क्षेत्र में सक्रिय राजनीतिक युवा कार्यकर्ता थे, का जीवन अचानक एक दुखद मोड़ पर समाप्त हो गया। परिवार, दोस्त और पूरे मोहल्ले में इस घटना के बाद गहरा शोक छा गया।
अजय अपने परिवार में इकलौता बेटा था और घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपने भविष्य को लेकर भी काफी महत्वाकांक्षी था। वह स्थानीय स्तर पर सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ा रहता था और दोस्तों के बीच भी उसकी अच्छी पहचान थी।
परिजनों के अनुसार, घटना से एक रात पहले तक सब कुछ सामान्य था। वह दोस्तों के साथ समय बिताता रहा और सामान्य बातचीत करता दिखा। लेकिन अगली सुबह परिवार को उसकी अनुपस्थिति ने गहरे सदमे में डाल दिया।
जब परिवार उसके कमरे में पहुंचा, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। अंदर का दृश्य देखकर घर में कोहराम मच गया। पुलिस को सूचना दी गई, और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की गई। कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें उसने अपने व्यक्तिगत संबंधों में आई परेशानियों और मानसिक तनाव का जिक्र किया था।
जांच में यह बात भी सामने आई कि अजय पिछले कुछ समय से एक युवती के साथ प्रेम संबंधों को लेकर भावनात्मक तनाव से गुजर रहा था। दोनों के बीच हाल में विवाद और दूरियां बढ़ गई थीं, जिसका असर उसके मानसिक संतुलन पर भी पड़ा।
अजय के एक करीबी दोस्त ने बताया कि घटना की रात उसे युवती की ओर से फोन आया था, जिसमें झगड़े और तनाव की बात कही गई थी। इसके बाद उसने अजय से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बाद में जब सुबह यह खबर सामने आई तो वह गहरे सदमे में आ गया।
पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में अजय ने किसी पर आरोप नहीं लगाया और न ही किसी के खिलाफ कार्रवाई की इच्छा जताई। उसने केवल अपने भीतर चल रहे भावनात्मक संघर्ष और अकेलेपन का उल्लेख किया था।
परिवार ने भी अभी तक किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की बात नहीं कही है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच पूरी संवेदनशीलता के साथ की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल छोड़ जाती है कि रिश्तों में टूटन और मानसिक तनाव को समय रहते समझना कितना जरूरी है। कई बार बाहरी रूप से सामान्य दिखने वाला व्यक्ति अंदर ही अंदर गहरे संघर्ष से गुजर रहा होता है, जिसे पहचानना बेहद महत्वपूर्ण है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
