लाल किला विस्फोट मामले में जावेद सिद्दीकी की अंतरिम जमानत याचिका पर ईडी से स्टेटस रिपोर्ट तलब
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने लाल किला विस्फोट से जुड़े मामले में अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद अहमद सिद्दीकी की अपनी पत्नी के इलाज के दौरान देखभाल के लिए दायर अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। जस्टिस मधु जैन की बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 24 जून को करने का आदेश दिया।
आज सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश वकील जोहेब हुसैन ने कहा कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। नौ जून को साकेत कोर्ट ने जावेद अहमद सिद्दीकी की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। साकेत कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। जावेद अहमद सिद्दीकी ने कैंसर के चौथे स्टेज से जूझ रही पत्नी के इलाज के दौरान देखभाल के लिए छह हफ्ते की अंतरिम जमानत की मांग की है।
जावेद अहमद सिद्दीकी को ईडी ने 18 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया था। फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी लाल किला विस्फोट के बाद से ही जांच एजेंसियों के रडार पर थी। मामले में गिरफ्तार तीन डॉक्टरों का संबंध अल फलाह यूनिवर्सिटी से पाया गया, जिसके बाद इस यूनिवर्सिटी के खिलाफ जांच शुरु की गई। ईडी ने जावेद को टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया था।
ये खबर भी पढ़े : अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास पर सुबह 3 बजे शुरू हुई पुलिस छापेमारी पांच घंटे बाद पूरी हुईईडी ने 16 जनवरी को जावेद अहमद सिद्दीकी और अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की ओर से दो एफआईआर दर्ज होने के बाद ईडी ने अपनी जांच शुरु की थी। एफआईआर में कहा गया है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी ने झूठी सूचना दी कि उसे नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (एनएएसी) की ओर से मान्यता मिल चुकी है। ईडी ने कहा है कि उसने मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अल फलाह यूनिवर्सिटी की संपत्तियों को अनौपचारिक तौर पर जब्त कर लिया है।
लालकिला के पास 10 नवंबर 2025 को आई10 कार में विस्फोट हुआ था। ये कार आमिर रशीद अली के नाम पर थी। इस विस्फोट में 13 लोगों की मौत हुई थी और 32 लोग घायल हो गए थे। यूजीसी ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ शिकायत दर्ज की है जिसके बाद क्राईम ब्रांच ने जावेद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था। यूजीसी की शिकायतों के बाद दिल्ली पुलिस की क्राईम ब्रांच ने जावेद अहमद सिद्दीकी के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया था।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
