महिलाओं के उत्पीड़न के आरोपों से घिरा कथित पत्रकार, किसान यूनियन की महिला सदस्यों ने खोला मोर्चा
कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन, महिला सदस्यों ने पुलिस प्रशासन को दी चेतावनी
प्रदीप सक्सेना
पूरनपुर, पीलीभीत तरुण मित्र।पत्रकारिता के नाम पर कलंक और महिलाओं की सुरक्षा के लिए खतरा बने एक कथित पत्रकार की करतूतें अब बर्दाश्त से बाहर हो चुकी हैं। भारतीय किसान यूनियन भानू की महिला सदस्यों ने गैर समुदाय के लुकमान नामक एक सिरफिरे व्यक्ति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि यह व्यक्ति खुद को पत्रकार बताकर न केवल महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार कर रहा है, बल्कि सरेआम छेड़छाड़ जैसे जघन्य कृत्य को अंजाम देने से भी नहीं चूक रहा है।
आरोप है कि सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गोरा गांव का निवासी लुकमान, जो खुद को पत्रकार कहता है, असल में अनपढ़ है। और पत्रकारिता से दूर दूर तक उसका कोई वास्ता नही है। उसकी घटिया हरकतों के चलते उसे पहले ही संगठन से निष्कासित किया जा चुका है। बावजूद इसके, इस व्यक्ति के माथे पर कोई शिकन नहीं है और न ही इसकी हरकतों में कोई सुधार आया है। संगठन की महिलाओं का कहना है कि यह दरिंदा महिलाओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और अनावश्यक दबाव बनाकर उनसे अनुचित संबंध बनाने का कुत्सित प्रयास कर रहा है। गत 15 जून को तहसील पूरनपुर में आयोजित संगठन की बैठक में इस व्यक्ति ने एक और साथी के साथ घुसपैठ की और बैठक में मौजूद महिलाओं के साथ छेड़छाड़ का घिनौना प्रयास किया।
महिलाओं ने जब इसका कड़ा विरोध किया, तो भी उसके तेवर कम नहीं हुए। इससे पहले भी नीरज नामक महिला सदस्य ने इसके खिलाफ गंभीर शिकायतें की थीं, जिसमें उस पर शारीरिक और मानसिक शोषण का दबाव बनाने का आरोप लगाया गया था। भारतीय किसान यूनियन भानू की महिला सदस्यों ने कोतवाली पूरनपुर में तहरीर देकर इस दरिंदे के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।महिला सदस्यों ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर इस कथित पत्रकार को अविलंब जेल नहीं भेजा गया, तो संगठन सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगा। अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है या किसी और बड़ी घटना का इंतजार करता है?
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में आठ वर्षों का अनुभव रखने वाले प्रदीप सक्सेना वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के पीलीभीत ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर मजबूत पकड़ और ज़मीनी रिपोर्टिंग उनकी पहचान है।
