बीसी सखियों का चारबाग रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन, मानदेय बढ़ाने की मांग
मानदेय बढ़ाकर 20 हजार करने को कहा
पुलिस ने हिरासत में लेकर इको गार्डन में भेजा
लखनऊ। बुधवार चारबाग रेलवे स्टेशन के बाहर बीसी सखियों ने प्रदर्शन किया। यह महिलाएं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत चुनी गई हैं। मानदेय समेत विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी लाइन के बाहर नारे लगाए। प्रदर्शन करते हुए विधानसभा की ओर बढ़ रहीं महिलाओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया।
लखीमपुर से आई रेखा ने बताया कि 2019 में बीसी सखी के रूप में भर्ती हुई थी। मुख्य रूप से हम लोगों का काम यह होता है कि ग्रामीण क्षेत्र में जिन महिलाओं को बैंक की जानकारी नहीं होती है या वह पैसा निकालने के लिए बैंक तक नहीं पहुंच सकतीं तो उनके सहायक के रूप में काम करते हैं। बैंक से संबंधित सुविधाएं महिलाओं तक पहुंचाते हैं। भर्ती के समय हम लोगों को 6 महीने तक ₹4000 वेतन दिया गया। फिर हम लोगों को ₹500 निकलवाने पर 96 पैसा कमीशन मिलने लगा। यह 96 पैसा बेहद कम है। इतने में घर चला पाना संभव नहीं।
प्रदर्शनकारी महिला ने बताया कि सरकार ने जो 75,000/- सपोर्ट फंड दिया था, उसे 4% ब्याज के साथ वापस मांगा जा रहा है। हमारी मांग है सपोर्ट मनी पूरी तरह से माफ किया जाए क्योंकि बीसी सखियों की इतनी आमदनी नहीं होती है, जो इस कर्जे की भरपाई कर सके। साथ ही ₹20000 प्रतिमाह वेतन दिया जाए। इससे कम पैसे में घर चला पाना संभव नहीं है। महंगाई दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और हम लोगों की आमदनी घट रही है।
बुलंदशहर से आई शारदा ने कहा कि पूरे प्रदेश में हमारी संख्या 58000 है। हम महिलाएं अपना जान जोखिम में डालकर सुकून और सुरक्षा तैयार कर काम करते हैं। फिर भी हम लोगों को सम्मानजनक मानदेय न मिलना बेहद अफसोसजनक है। यह सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण और सम्मान की बात करती है। मगर अधिकार नहीं देती। लंबे समय से हमारी मांग पेंडिंग में है। अगर जल्दी मांगे नहीं पूरी हुई तो हम लोग अपनी शक्ति का अहसास कराते हुए महाआंदोलन करेंगे।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
