छत्तीसगढ़ में भारतीय स्टेट बैंक मैनेजर से 4.99 लाख की साइबर ठगी
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगी के एक मामले में शातिर ठगों ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई ) की एक महिला बैंक मैनेजर श्वेता शर्मा को अपनी बातों में फंसाकर 4.99 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया है।
सोमवार को हुई इस साइबर ठगी के मामले में रायपुर के तेलीबांधा थाने में आज प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई गई है।
तेलीबांधा पुलिस ने बताया है कि आरोपित ने बैंक मैनेजर श्वेता शर्मा से फोन पर संपर्क कर खुद को एक इंटारा कार कंपनी का संचालक बताते हुए का प्रतिनिधि बताया और कहा कि वह बैंक में करीब 2 करोड़ रुपये की सावधि जमा (एफडी ) कराना चाहता है।
मैनेजर ने उसे 6.45 प्रतिशत की ब्याज दर बताई, जिस पर वह सोमवार को बैंक आकर एफडी कराने के लिए राजी हो गया। बातचीत के दौरान ही आरोपित कहा कि उनकी कंपनी के डायरेक्टर को बेहद जरूरी काम से तुरंत कुछ पैसे ट्रांसफर करने हैं।
उसने कहा कि उनकी चेकबुक खत्म हो गई है और इंटरनेट बैंकिंग में नया बेनिफिशियरी (लाभार्थी) जोड़ने में समय लगेगा, इसलिए बिना चेक के तुरंत आरटीजीएस कर दिया जाए।
ठग ने कंपनी के डायरेक्टर के नाम से मिलती-जुलती एक फर्जी ईमेल आईडी बनाई और बैंक मैनेजर को एक अथॉराइजेशन लेटर (प्राधिकरण पत्र) और हस्ताक्षरित वाउचर ईमेल कर दिए।
बैंक मैनेजर ने जब रिकॉर्ड में मौजूद हस्ताक्षरों का मिलान किया, तो वे मेल खा गए। बड़े बिजनेस मिलने की जल्दबाजी और भरोसे में आकर बैंक ने बताए गए खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब कंपनी के असली प्रतिनिधि से संपर्क हुआ, तब जाकर इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
पुलिस के मुताबिक, श्वेता शर्मा भारतीय स्टेट बैंक की आईजीकेवी शाखा में शाखा प्रबंधक हैं। 20 अगस्त को उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति ने फोन किया था ।
फोन रिसीव नहीं होने पर आरोपित ने संदेश भेजकर संपर्क किया। उसने अपना परिचय प्रशांत मंधान के रूप में दिया और खुद को इंटारा कार कंपनी का संचालक बताया था ।
तेलीबांधा पुलिस के अधिकारी ने बताया है कि "भारतीय स्टेट बैंक की शाखा प्रबंधक श्वेता शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबर धारक और ईमेल भेजने वाले आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि बैंक से ट्रांसफर की गई ₹4.99 लाख की यह रकम मुंबई के कुर्ला स्थित केनरा बैंक के एक खाते में ट्रांसफर हुई है।
पुलिस की साइबर सेल टीम ने तत्काल उस बैंक खाते की डिटेल्स खंगालना शुरू कर दिया है ताकि रकम को होल्ड कराया जा सके।
इसके साथ ही जिस मोबाइल नंबर और फर्जी ईमेल आईडी का इस्तेमाल ठगी के लिए किया गया, उसका आईपी एड्रेस और लोकेशन ट्रैक की जा रही है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपित के पास बैंक के ग्राहकों या कार कंपनी से जुड़े आंतरिक दस्तावेजों और हस्ताक्षरों की इतनी सटीक जानकारी कैसे आई।
लेखक के बारे में
माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
