बिजली के बिना पाकिस्तान का बुरा हाल, अंधेरे में मोमबत्ती जलाकर चला…

इस्लामाबाद। रोटी की जद्दोजहद के बीच पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) पर एक और नई मुसीबत टूट पड़ी है। दरअसल, पाकिस्तान में पावर सिस्टम फेल हो गया है, जिसके चलते पाकिस्तान के इस्लामाबाद, लाहौर और कराची जैसे बड़े शहरों में बिजली गुल हो गई है।  बिजली मंत्री खुर्रम दस्तगीर के मुताबिक नेशनल ग्रिड के दक्षिण में एक बड़े वोल्टेज उतार-चढ़ाव के कारण संकट उत्पन्न हुआ। बाद में व्यापक प्रभाव के कारण बिजली उत्पादन इकाइयां एक-एक करके बंद हो गईं। देर रात तक बिजली नहीं आने के कारण लोगों को मोमबत्ती, लालटेन जलाकर काम चलाना पड़ा। कई घरों में लोग तो अंधेरे में ही रहने के लिए मजबूर हैं।

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प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (shehbaz sharif) ने घटना के कारणों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। शरीफ ने बिजली संकट पर ऊर्जा मंत्री से तत्काल रिपोर्ट मांगी। उन्होंने बिजली गुल होने के कारणों का पता लगाने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को पहचान करने को कहा है।
देश में बिजली संकट अस्पताल, कारखाने, कपड़ा उद्योग समेत कई क्षेत्रों को प्रभावित किया है। कपड़ा कारोबारियों ने शिकायत की कि सोमवार को बिजली गुल होने के कारण उन्हें अपना कारखाना बंद करना पड़ा।
बता दें  कि पाकिस्तान अपनी बिजली (Electricity) का कम से कम 60 फीसदी जीवाश्म ईंधन से हासिल करता है। 27 फीसदी बिजली हाइड्रोपावर और 10 फीसदी परमाणु और सौर ऊर्जा पर निर्भर है। पाकिस्तान में बिजली नहीं होने के चलते स्कूल में छात्र-छात्राओं को पढ़ने में परेशानी हो रही है। बच्चे अंधेरे में क्लासरूम में बैठे दिखे। पाकिस्तान के कई शहरों में दुकानदार बिजली के इंतजार में बैठे दिखे। रिपोर्ट के मुताबिक एक दिन उत्पादन बंद होने पर कपड़ा उद्योग का अकेले का नुकसान 20 मिलियन पाकिस्तानी रुपये से अधिक है। पाकिस्तान में पावर सिस्टम का फेल होना कोई नई बात नहीं है। यहां पिछले साल अक्तूबर में कराची, हैदराबाद, सुक्कुर, क्वेटा, मुल्तान और फैसलाबाद में बिजली गुल हो गई थी। बिजली के बिना पाकिस्तान की कई फैक्ट्रियों में सन्नाटा पसरा रहा। इस्लामाबाद में एक अस्पताल को अपना ऑपरेशन थिएटर बंद करना पड़ा तो वहीं कराची का अस्पताल बैकअप पर काम कर रहा था।
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