पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान को प्लास्टइंडिया ने नई दिल्ली में खोला क्षेत्रीय कार्यालय
उद्योग, सरकार और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने की पहल
नीरज अवस्थी
- प्लास्टइंडिया फाउंडेशन ने नई दिल्ली में क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया
- प्लास्टिक उद्योग को टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार बनाने का लक्ष्य
- प्लास्टइंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी तैयार करेगी उद्योग के लिए दक्ष पेशेवर
नई दिल्ली। भारतीय प्लास्टिक उद्योग की शीर्ष संस्था प्लास्टइंडिया फाउंडेशन ने नई दिल्ली में अपने क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया है। उद्योग, सरकार और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्यालय भारतीय प्लास्टिक उद्योग के लिए नीतिगत पैरवी, नवाचार, कौशल विकास और सतत विकास से जुड़ी पहलों के प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
प्लास्टइंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष रवीश कामथ के नेतृत्व में स्थापित दिल्ली कार्यालय नीतिगत पैरवी, उद्योग का प्रतिनिधित्व, हितधारकों से संवाद तथा सरकार, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग संघों और संबद्ध संगठनों के साथ रणनीतिक सहयोग के लिए एक समर्पित मंच के रूप में कार्य करेगा। यह प्लास्टिक मूल्य शृंखला में नवाचार, कौशल विकास, एमएसएमई सहयोग, उद्योग-अकादमिक साझेदारी और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
ये खबर भी पढ़े : ड्रग्स फैक्ट्री की सूचना पर पहुंची डीएसटी को मिली नकली घी बनाने की फैक्ट्री, 870 किलो मिलावटी घी जब्तनई दिल्ली में पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ कार्यालय का औपचारिक उद्घाटन किया गया। उद्घाटन प्लास्टइंडिया फाउंडेशन के उपाध्यक्ष डॉ. राजू देसाई और मानद कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र गांधी के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इसके साथ ही फाउंडेशन की जनसंपर्क और नीतिगत पहलों के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई।
राष्ट्रीय राजधानी में स्थित होने के बावजूद इस क्षेत्रीय कार्यालय की परिकल्पना अखिल भारतीय पहल के रूप में की गई है। यह नीतिगत पहुंच को मजबूत करने, क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित करने तथा पर्यावरण और स्थिरता संबंधी चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान विकसित करने में योगदान देकर पूरे भारतीय प्लास्टिक पारिस्थितिकी तंत्र के हितों की सेवा करेगा। इसमें विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस पहल से भारतीय प्लास्टिक उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ने के साथ ही ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
प्लास्टइंडिया फाउंडेशन अपने सात संस्थापक संघों और दो घटक संघों के माध्यम से भारतीय प्लास्टिक उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाली शीर्ष संस्था है। यह भारत की एकमात्र ऐसी औद्योगिक संस्था है, जो प्रोसेसर, कच्चा माल निर्माताओं, मशीनरी निर्माताओं और तैयार प्लास्टिक उत्पाद निर्माताओं सहित संपूर्ण प्लास्टिक मूल्य शृंखला को एक मंच पर लाती है। फाउंडेशन उद्योग के विकास, तकनीकी उन्नति और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित प्लास्टइंडिया प्रदर्शनी के आयोजन के अलावा, फाउंडेशन भारत सरकार, उद्योग जगत, अकादमिक संस्थानों और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर नीतिगत पैरवी, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व, चक्रीय अर्थव्यवस्था से जुड़ी पहलों, प्लास्टिक पुनर्चक्रण, स्थिरता और उन्नत प्रौद्योगिकियों को अपनाने की दिशा में कार्य करता है। इसका उद्देश्य प्लास्टिक उद्योग को अधिक जिम्मेदार, पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार बनाना है।
फाउंडेशन उद्योग के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने के प्रति भी समान रूप से प्रतिबद्ध है। प्लास्टइंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (पीआईयू) पहल के माध्यम से इसका लक्ष्य प्लास्टिक क्षेत्र की बदलती जरूरतों के अनुरूप उद्योग के लिए तैयार पेशेवर विकसित कर कौशल अंतर को पाटना है।
फाउंडेशन की मजबूत उद्योग-सरकार साझेदारी को सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सिपेट) और प्लास्टिक्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (प्लेक्सकॉन्सिल) की संस्थापक सदस्यों के रूप में भागीदारी से और मजबूती मिलती है। इनका सहयोग भारतीय प्लास्टिक उद्योग के लिए शिक्षा, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास, निर्यात संवर्धन, नवाचार और नीतिगत सहयोग की दिशा में फाउंडेशन के प्रयासों को सुदृढ़ करता है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
