डीबीसी कर्मचारियों को बड़ी राहत: एमसीडी में अब स्थायी कर्मचारियों के बराबर मिलेगा वेतन
एमसीडी के कर्मचारियों को जल्द ही 'समान कार्य के लिए समान वेतन' का मिलेगा लाभ
नीरज अवस्थी
- अधिकारियों को नीति तैयार करने की प्रक्रिया शीघ्र के दिए निर्देश
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स (डीबीसी) कर्मचारियों को जल्द ही 'समान कार्य के लिए समान वेतन' का लाभ मिलेगा। महापौर प्रवेश वाही की अध्यक्षता में सोमवार को हुई स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया कि डीबीसी कर्मियों को स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन देने के लिए जल्द नई नीति लागू की जाएगी। इसके लिए अधिकारियों को नीति तैयार करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए।
वर्तमान में डीबीसी कर्मचारियों को लगभग 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है। नई नीति लागू होने के बाद उनका वेतन बढ़कर करीब 27 हजार रुपये प्रतिमाह हो जाएगा, जिससे करीब साढ़े तीन हजार कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
ये खबर भी पढ़े : एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक में पीएम मोदी का बड़ा संदेश, बोले- पेपर लीक राष्ट्रीय चुनौती, दोषियों को मिले कड़ी सजामहापौर प्रवेश वाही ने कहा कि निगम कर्मचारियों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है और डीबीसी कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिलाने का संकल्प जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की अन्य समस्याओं का भी चरणबद्ध तरीके से समाधान किया जाएगा।
डीबीसी कर्मचारियों की नियुक्ति वर्ष 1996 में दिल्ली में डेंगू के बढ़ते प्रकोप के बाद घर-घर जाकर मच्छरों की उत्पत्ति की जांच के लिए की गई थी। शुरुआत में उन्हें मात्र 2,200 रुपये मानदेय मिलता था। समय के साथ वेतन बढ़ा, 2017 में छुट्टी, ईएसआई और ईपीएफ जैसी सुविधाएं मिलीं तथा 2023 में उन्हें एमटीएस का दर्जा दिया गया, लेकिन वेतन में समानता की मांग लगातार बनी रही।
एंटी मलेरिया कर्मचारी एकता यूनियन के अध्यक्ष देवानंद शर्मा ने निगम के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि लगभग 30 वर्षों के संघर्ष के बाद कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। उनके अनुसार बढ़ा हुआ वेतन कर्मचारियों के परिवार, बच्चों की शिक्षा और बेहतर जीवनयापन में महत्वपूर्ण मदद करेगा।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
