लखीमपुर-खीरी,21 जुलाई(तरुणमित्र)। शारदा नदी के कटान से प्रभावित निघासन तहसील के ग्राम ग्रंट नंबर-12 में मंगलवार को डीएम अंजनी कुमार सिंह ने स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं सहायता कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और शासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
डीएम ने एसडीएम यदुवीर सिंह के साथ कटान प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति का आकलन किया तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं पुनर्वास से जुड़े सभी कार्य पूरी तत्परता, संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासन हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है। तत्काल उपलब्ध कराई जा सकने वाली हर सहायता दी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त इंतजाम भी किए जाएंगे।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और प्रभावित परिवारों को हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। एसडीएम यदुवीर सिंह ने बताया कि प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने की कार्रवाई लगातार जारी है। बुधवार को गांव में खाद्यान्न किट का वितरण भी कराया जाएगा, ताकि किसी परिवार को जरूरी सामान के लिए परेशानी न उठानी पड़े।
कटान प्रभावित इलाकों में पहुंचे एडीएम,ग्रामीणों से जाना हाल; राहत कार्य तेज करने के निर्देश
एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने ग्राम ग्रंट नंबर-12 पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि प्रशासन हर समय उनके साथ खड़ा है। एडीएम ने बताया कि प्रभावित लोगों को तत्काल जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। नदी का जलस्तर अब धीरे-धीरे कम होना शुरू हो गया है। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी बनाए रखने के निर्देश दिए।
इसके बाद एडीएम ग्राम नयापिंड, तिकोनिया क्षेत्र पहुंचकर प्रभावित इलाके का निरीक्षण किया। प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की सुविधा के लिए आवागमन को नाव की व्यवस्था कराई गई है। राजस्व टीम को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को राहत किट उपलब्ध कराई जाए और वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। इस दौरान तहसीलदार देवेंद्रमणि त्रिपाठी,नायब तहसीलदार हर्ष निशांत, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल मौजूद रहे।