लखीमपुर-खीरी,21 जुलाई(तरुणमित्र)। धौरहरा विधानसभा क्षेत्र स्थित बीपैक्स लाखुन एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। किसानों को सरकारी दर पर उपलब्ध कराई जाने वाली यूरिया खाद की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने इस प्रकरण को और भी तूल दे दिया है,जिसके बाद किसानों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
आरोप है कि बीपैक्स लाखुन के सचिव ने यूरिया की बोरियां अपने पड़ोसी के घर में रखवाईं, जहां से कथित रूप से किसानों के बजाय निजी तौर पर बिक्री कर कालाबाजारी की जा रही है। किसानों का आरोप है कि इस पूरे खेल में संबंधित अधिकारियों की भी मिलीभगत है, जिसके कारण लंबे समय से अनियमितताएं जारी हैं और जरूरतमंद किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र के किसानों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो दोषी सचिव सहित पूरे नेटवर्क के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए,ताकि भविष्य में किसानों के हक पर कोई डाका न डाल सके।
हालांकि,तरुणमित्र वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष जानने का प्रयास किया जा रहा है। उनका बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं,तो यह मामला न केवल सरकारी खाद वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करेगा,बल्कि किसानों के अधिकारों और सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न होगा।
उक्त मामले में बी-पैक्स सचिव ने बताया कि यह वायरल वीडियो पुराना है और हमारे यहाँ जाँच अधिकारी पहुँच चुके हैं।