बेलरायां-खीरी,20 जुलाई(तरुणमित्र)। निघासन विकास खंड के आदर्श प्रेरणा संकुल स्तरीय संघ बेलरायां(सीएलएफ) में कथित करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के मामले में जारी तीन कारण बताओ नोटिसों का भी कोई जवाब नहीं मिला है। जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए पदाधिकारियों द्वारा नोटिसों की अनदेखी किए जाने से पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब सवाल यह उठने लगा है कि आखिर दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ अगला कदम कब उठाया जाएगा।
उपायुक्त (स्वरोजगार) जितेंद्र कुमार मिश्रा ने पुष्टि करते हुए बताया कि जारी किए गए तीनों नोटिसों का अब तक कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है। जब उनसे पूछा गया कि क्या अब दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी,तो उन्होंने केवल इतना कहा कि आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने इससे अधिक कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
आदर्श प्रेरणा संकुल स्तरीय संघ में कथित करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले की जांच की मांग को लेकर पीड़ित महिलाएं पिछले चार महीनों से उपायुक्त (स्वरोजगार) कार्यालय के चक्कर लगाती रहीं। उनका आरोप है कि लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामला सार्वजनिक होने और लगातार विरोध के बाद ब्लॉक स्तरीय जांच टीम गठित की गई,जिसकी जांच में कई अनियमितताएं सामने आने पर संबंधित पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
अब जबकि नोटिसों का भी कोई जवाब नहीं आया है,इसके बावजूद आगे की कठोर कार्रवाई न होने से उपायुक्त की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि आखिर ऐसी कौन-सी वजह है जिसके चलते दोषियों के खिलाफ कार्रवाई आगे नहीं बढ़ रही है।