अयोध्या: अत्याधुनिक फारेंसिक साइंस लैब बनकर तैयार, वैज्ञानिक जांच से अपराधियों पर कसेगा शिकंजा
-अब डीएनए, साइबर फॉरेंसिक और बैलिस्टिक जांच होगी अयोध्या में, तैयार हुई हाईटेक एफएसएल लैब
अयोध्या को मिली अत्याधुनिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला, 48.88 करोड़ की परियोजना का निर्माण पूरा वैज्ञानिक जांच से अपराधियों पर कसेगा शिकंजा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन मॉडल को मजबूती, पुलिस जांच होगी और सटीक
अयोध्या। उत्तर प्रदेश की पावन नगरी अयोध्या में आधुनिक अपराध अन्वेषण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन और सुरक्षा विजन के तहत 48.88 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ‘बी’ श्रेणी की विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फारेंसिक साइंस लेबोरेट्री) का निर्माण अयोध्या में स्थित बाग बिजेसी में कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
यह हाईटेक लैब अब डीएनए परीक्षण, साइबर फॉरेंसिक, बैलिस्टिक जांच और अन्य वैज्ञानिक तकनीकों से लैस होकर अयोध्या सहित आसपास के जिलों में अपराध जांच को नई रफ्तार देगी।
गृह (पुलिस) विभाग के फंडिंग से चल रही इस योजना की स्वीकृत लागत 48.88 करोड़ रुपये है। कार्यदाई संस्था लोक निर्माण विभाग ने 7 नवंबर 2023 को शुरू किया था।
विधि विज्ञान प्रयोगशाला के चार मंजिला भवन का कुल क्षेत्रफल 10,266.40 वर्ग मीटर है। इसमें डोरमेट्री, गेस्ट हाउस, गैरेज, ड्राइवर्स रूम, वर्कशॉप भवन, गार्ड रूम इत्यादि भी रहेंगे।
लोक निर्माण विभाग (सीडी 2) के अधिशासी अभियंता उमेश चंद्र ने बताया कि फिनिशिंग का कार्य पूरा हो चुका है। अब हैंडओवर की प्रक्रिया चल रही है।
यह परियोजना न केवल अयोध्या की बुनियादी ढांचागत विकास को मजबूत कर रही है, बल्कि पूरे प्रदेश में फॉरेंसिक साइंस की क्षमता विस्तार का प्रतीक भी है। शीघ्र ही पूर्ण रूप से चालू होने वाली इस अत्याधुनिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला से अपराध मुक्त और सुरक्षित अयोध्या का सपना और मजबूत होगा।
अदालतों में सबूतों की विश्वसनीयता बढ़ेगी
नई प्रयोगशाला में अत्याधुनिक उपकरणों से युक्त लैबोरेटरी, डीएनए एनालिसिस यूनिट, साइबर फॉरेंसिक सेंटर, बैलिस्टिक जांच सुविधा, टॉक्सिकोलॉजी और केमिकल परीक्षण कक्ष शामिल हैं।
यह लैब अपराध स्थल से प्राप्त साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच को सटीक और तेज बनाएगी, जिससे अदालतों में सबूतों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और दोषियों पर शिकंजा कसना आसान होगा।
पुलिस अफसरों को नई सफलताएं मिलने की उम्मीद
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी इस लैब के पूर्ण रूप से ऑपरेशनल होने के बाद अपराध दर को नियंत्रित करने और वैज्ञानिक जांच के आधार पर केसों को सुलझाने में नई सफलताएं हासिल करने की उम्मीद जता रहे हैं।
मील का पत्थर साबित होगी लैब : एसएसपी
एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने बताया कि पहले अपराध जांच के लिए लखनऊ या अन्य बड़े शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब अयोध्या में स्वयं की हाईटेक फॉरेंसिक सुविधा उपलब्ध हो जाने से जांच प्रक्रिया में काफी तेजी आएगी।
विशेषकर राम मंदिर, पर्यटन और बढ़ते शहरीकरण के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने में यह लैब मील का पत्थर साबित होगी।
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माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
