कानपुर: साइबर फ्रॉड के पैसों को क्रिप्टो में बदलने वाला गिरोह बेनकाब, छह गिरफ्तार
नकदी, एटीएम कार्ड, मोबाइल, कार और बाइक बरामद
कानपुर। साइबर सेल सेंट्रल जोन, नजीराबाद और नवाबगंज थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में साइबर ठगी की रकम को बैंक खातों के जरिए निकालकर क्रिप्टोकरेंसी में बदलने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के छह अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य सरगना समेत अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।
सहायक पुलिस आयुक्त कर्नलगंज आकांक्षा पाण्डेय ने रविवार को बताया जांच में सामने आया कि आरोपित भोले-भाले लोगों के बैंक खाते खरीदते थे या लालच देकर उनका उपयोग करते थे।
खातों में साइबर ठगी की रकम मंगवाकर एटीएम और चेक के जरिए नकदी निकाली जाती थी, जिसके बाद यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी खरीदकर नेटवर्क के माध्यम से रकम विदेश भेजी जाती थी। इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक काकादेव निवासी क्षितिज द्विवेदी है, जो फिलहाल फरार है।
उन्होंने बताया कि गिरोह बैंक खाते उपलब्ध कराने वालों को 15 से 20 हजार रुपये देता था। कई खातों के एटीएम कार्ड का एक ही पासवर्ड रखा जाता था, ताकि कोई भी सदस्य आसानी से रकम निकाल सके।
ये खबर भी पढ़े : यूपी चुनाव 2027: भाजपा तैयार करेगी 'बूथ योद्धा', विधानसभा क्षेत्रों में होगा सम्मेलनकई मामलों में खाताधारकों से पहले ही चेक पर हस्ताक्षर करा लिए जाते थे, जबकि कुछ लोगों को लालच या दबाव देकर बैंक ले जाकर पैसे निकलवाए जाते थे। बाद में सबूत मिटाने के लिए एटीएम कार्ड, सिम और चेकबुक नष्ट कर दिए जाते थे।
जांच के दौरान एनसीआरपी और प्रतिबिंब पोर्टल पर मिली शिकायतों, बैंक ट्रांजेक्शन, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल नंबर, सीडीआर, आईपी लॉग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे गिरोह की पहचान की गई।
पुलिस को जांच में देश के विभिन्न राज्यों से 50 से अधिक साइबर अपराध की शिकायतें इन खातों से जुड़ी मिलीं। शुरुआती जांच में करीब एक करोड़ पचास लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी की रकम इन खातों के माध्यम से भेजे जाने की पुष्टि हुई है।
पुलिस ने इस मामले में अतुल सिन्हा, विराज सिंह, कृष्णा, यश प्रताप सिंह, आदित्य बाजपेई और शिवांश गुप्ता को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से पांच मोबाइल फोन, 25 एटीएम कार्ड, तीन चेकबुक, 58,800 रुपये नकद, एक कार और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
आगे उन्होंने बताया कि आरोपितों के खिलाफ नवाबगंज थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
विवेचना के दौरान अन्य धाराएं भी बढ़ाई जाएंगी। फरार सरगना क्षितिज द्विवेदी समेत पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, ओटीपी या पासवर्ड न दें। किसी भी साइबर ठगी की सूचना तुरंत 1930 हेल्पलाइन, www.cybercrime.gov.in या नजदीकी पुलिस थाने में दें।
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लेखक के बारे में
माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
