लखीमपुर-खीरी,19 जुलाई(तरुणमित्र)। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना नीमगांव पुलिस, स्वाट टीम एवं सर्विलांस सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कस्बा सिकन्द्राबाद स्थित बर्तन की दुकान में हुई चोरी की घटना का सफल अनावरण किया है। पुलिस ने दो शातिर अंतरजनपदीय चोरों को चोरी के माल, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल तथा अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, 14 जून 2026 को कस्बा सिकन्द्राबाद स्थित एक बर्तन की दुकान से मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात बदमाशों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। मामले में थाना नीमगांव पर मु.अ.सं. 218/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान 19 जुलाई 2026 को दौदापुर-बिल्लाई रोड से दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी भी की गई है।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान विपिन मौर्य उर्फ विवेक उर्फ पिंटू (27 वर्ष) निवासी ग्राम गोरिया,थाना पढुआ तथा लवकुश (45 वर्ष) निवासी जोखीपुरवा,थाना निघासन,जनपद लखीमपुर खीरी के रूप में हुई है।
पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से चोरी किए गए पीली धातु के बर्तन, एक मिल्टन बोतल, घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल (UP31CU4317) तथा अभियुक्त लवकुश के कब्जे से एक 315 बोर का अवैध तमंचा एवं एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। अवैध शस्त्र की बरामदगी के आधार पर थाना नीमगांव पर आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत अलग मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त विपिन मौर्य उर्फ विवेक एक शातिर अपराधी है, जो पूर्व में थाना वजीरगंज (लखनऊ) पुलिस की अभिरक्षा से न्यायालय पेशी के दौरान फरार हो चुका है। उसके विरुद्ध लखीमपुर खीरीलखनऊ,सीतापुर एवं अयोध्या जनपदों में चोरी,हत्या के प्रयास,धोखाधड़ी,एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर एक्ट,आर्म्स एक्ट,साइबर अपराध तथा पुलिस अभिरक्षा से फरार होने सहित कुल 28 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं लवकुश के विरुद्ध लूट,अपहरण, पॉक्सो एक्ट एवं आर्म्स एक्ट सहित छह आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
इस सफलता में थाना नीमगांव के प्रभारी निरीक्षक प्रवीर गौतम, उपनिरीक्षक पटेल सिंह राठी, उपनिरीक्षक संदीप यादव सहित थाना पुलिस टीम,स्वाट टीम के प्रभारी उपनिरीक्षक जयप्रकाश यादव एवं उनकी टीम तथा सर्विलांस सेल के उपनिरीक्षक शरद शुक्ला,हेड कांस्टेबल उमेश मिश्रा और कांस्टेबल महताब आलम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।