आर्थिक सहयोग भारत-उत्तर मैसिडोनिया संबंधों का प्रमुख आधार: राष्ट्रपति मुर्मू
व्यापार दोगुना करने पर सहमति, आईटीईसी प्रशिक्षण सीटें दोगुनी: स्वास्थ्य, आईटी और हरित ऊर्जा सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
- स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में भारत-उत्तर मैसिडोनिया के बीच द्विपक्षीय समझौते का नवीनीकरण
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि आर्थिक सहयोग भारत और उत्तर मैसिडोनिया के द्विपक्षीय संबंधों का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ है। दोनों देशों ने व्यापार एवं निवेश बढ़ाने, कारोबारी सहयोग को मजबूत करने और द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की दिशा में मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की है।
उत्तर मैसिडोनिया की अपनी राजकीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु ने राष्ट्रपति गोडार्ना सिलजानोव्स्का-दाव्कोवा के साथ द्विपक्षीय एवं प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद संयुक्त वक्तव्य में कहा कि दोनों देशों ने सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, औषधि, वस्त्र, जैव प्रौद्योगिकी, पर्यटन, आतिथ्य तथा फिल्म निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की। भारत-उत्तर मैसिडोनिया बिजनेस फोरम इन क्षेत्रों में नए अवसरों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
ये खबर भी पढ़े : देश के पहले निजी उपग्रह का प्रक्षेपण आज, श्रीहरिकोटा का सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र बनेगा साक्षीराष्ट्रपति ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय समझौते का नवीनीकरण किया जा रहा है। साथ ही पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों सहित स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर भी सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक और जन-से-जन संपर्क दोनों देशों के संबंधों की मजबूत नींव हैं।
रचनात्मक उद्योग के क्षेत्र में सहयोग सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। मुर्मू ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए), आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन (जीबीए) जैसी पहलों के माध्यम से वैश्विक सहयोग को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने इन पहलों से जुड़ने की उत्तर मैसिडोनिया की इच्छा का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उसे हरित ऊर्जा और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में वैश्विक अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा।
उन्होंने उत्तर मैसिडोनिया के लिए भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण सीटों की संख्या दोगुनी करने की घोषणा की। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़े पाठ्यक्रम भी शामिल होंगे।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
