मनीष तिवारी बोले क्या सरकार लोकसभा को चीन की संसद बनाना चाहती है?
नई दिल्लीः कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने प्रस्तावित परिसीमन के जरिए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ा कर 815 किए जाने संबंधी विधेयक को वापस लेने की गुरुवार को मांग करते हुए सवाल किया कि क्या सरकार सदन को चीन की संसद बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह महिला आरक्षण विधेयक नहीं, बल्कि परिसीमन विधेयक है जिसके ऊपर महिला आरक्षण का अमली जामा पहनाया गया है।
मनीष तिवारी ने लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026', 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' पर चर्चा में भाग लेते हुए यह बात कही।
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कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार ने मुख्य मुद्दा 'एक व्यक्ति, एक वोट और एक मूल्य (वैल्यू)' का समाधान नहीं किया है। उन्होंने दावा किया, ''543 सीटें होने पर तो लोकसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चल नहीं पा रही है। कल्पना कीजिए कि 815 पर क्या हाल होगा? पहली लोकसभा हर साल 135 दिन के लिए बैठी थी। वहीं, 17वीं लोकसभा एक साल में सिर्फ 55 दिन बैठी।''
मनीष तिवारी ने कहा, ''543 सीट में इस सदन (लोकसभा) को काम करने में मुश्किल हो रही है तो कल्पना करें कि 815 या 850 पर क्या हाल होगा?'' उन्होंने भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा, ''815 लोग, 55 दिन (की बैठक)। इसे क्या आप 'नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ऑफ चाइना' बनाना चाहते हैं?''
543 सीट में लोकसभा को काम करने में मुश्किल हो रही है तो कल्पना करें कि 815 या 850 पर क्या हाल होगा? 815 लोग, 55 दिन की बैठक। इसे क्या आप नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ऑफ चाइना बनाना चाहते हैं?''
मनीष तिवारी, कांग्रेस सांसद
कांग्रेस सांसद ने सरकार से लोकतांत्रिक प्रणाली से खिलवाड़ नहीं करने और मौजूदा 543 सीट में से 181, यानी एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर उनका सशक्तीकरण करने की मांग की। मनीष तिवारी ने कहा कि संसद का काम देश के लिए कानून बनाना और गंभीर राष्ट्रीय चुनौतियों पर चर्चा करना है।
राज्यों की विधानसभाओं को मजबूत कीजिएः मनीष तिवारी
कांग्रेस नेता ने कहा, ''आप राज्यों की विधानसभाओं को मजबूत कीजिए। साल में किसी की बैठक 15 दिन होती है, किसी की 17 दिन, तो किसी की 20 दिन बैठक होती है।'' उन्होंने सरकार से पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने और संसद की सीट संख्या से छेड़छाड़ नहीं करने का आग्रह किया।
इन सांसदों ने महिला आरक्षण बिल पर क्या कहा?
तृणमूल कांग्रेस की जून मालिआ ने चर्चा में भाग लेते हुए सरकार से सवाल किया कि महिला सशक्तीकरण के लिए वह क्या कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया, ''वह चुनाव से पहले एक राजनीतिक हथकंडे के तहत लोगों के लिए कुछ न कुछ ले आती है।''
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस महिला आरक्षण का समर्थन करती है लेकिन यह जो धोखा किया जा रहा है उसका समर्थन नहीं करती।
मालिआ ने आरोप लगाया कि परिसीमन का मकसद राज्य और देश का विभाजन करना है तथा सरकार बड़ी चालाकी से परिसीमन विधेयक लाई है।
रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के एन. के. प्रेमचंद्रन ने विधेयक को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि सरकार सुनियोजित तरीके से लोकसभा और विधानसभाओं की सीट संख्या में बदलाव कर रही है।
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि तमिलनाडु में (23 अप्रैल को) चुनाव है और वहां के नेता अपने राजनीतिक हितों के लिए देश को बांटने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन ये प्रयास सफल नहीं होंगे। स्वराज ने कहा कि महिला आरक्षण कानून मंजिल है, जबकि परिसीमन प्रक्रिया इसे प्राप्त करने का रास्ता है।
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