असली और नकली घी की पहचान कैसे करें?
घी की पहचान:जमे हुए घी की थोड़ी सी मात्रा अपनी हथेली पर रखें। शुद्ध घी शरीर की गर्मी के संपर्क में आते ही तुरंत पिघलना शुरू हो जाएगा। जबकि मिलावटी घी या वनस्पति घी को पिघलने में समय लगेगा या वह आसानी से नहीं पिघलेगा।
इसके लिए एक चम्मच घी को किसी बर्तन या कड़ाही में गरम करें। शुद्ध घी तुरंत पिघल जाता है, पिघलने के बाद हल्का भूरा या सुनहरा हो जाता है, और उसमें से धीमी, सुगंधित खुशबू आती है, और वह आसानी से जलता नहीं है। वहीं मिलावटी घी को पिघलने में समय लग सकता है, वह जल्दी धुआं छोड़ने लगता है, उसका रंग पीला रह सकता है, और जलने पर उसमें से एक तेज या अलग गंध आ सकती है।
इसके लिए एक गिलास गर्म पानी लें और उसमें एक चम्मच घी डालकर मिलाएं। शुद्ध घी पानी की सतह पर तैरने लगेगा। यदि घी में मिलावट होगी, तो वह या तो पूरी तरह घुल जाएगा या गिलास के तल में बैठ जाएगा।
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आयोडीन टेस्ट के जरिए भी घी की शुद्धता की पहचान की जा सकती है। इसके लिए थोड़ा सा पिघला हुआ घी लें और उसमें आयोडीन टिंचर की कुछ बूंदें डालें। शुद्ध घी के रंग में कोई बदलाव नहीं आएगा। यदि घी में स्टार्च मिला है, तो इसका रंग नीला या बैंगनी हो जाएगा।
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लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
