काठमांडू: एलपीजी गैस का भारी संकट, खाली सिलेंडर लेकर भटक रहे लोग
काठमांडू। काठमांडू घाटी (काठमांडू, ललितपुर और भक्तपुर) में खाना पकाने वाले एलपीजी गैस का संकट दिन-ब-दिन गहराता जा रहा है।
एक तरफ जहां नेपाल आयल निगम के कागजी आंकड़ों में हजारों सिलेंडर घाटी में दाखिल होने का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर आम नागरिक सुबह से ही खाली सिलेंडर लेकर डिपो के चक्कर काटने को मजबूर हैं। बाजार में कालाबाजारी भी खुलेआम देखने को मिल रही है।
नेपाल आयल निगम द्वारा सार्वजनिक किए गए विवरण के अनुसार, हाल ही में तीन दिनों में कुल 87,877 सिलेंडर काठमांडू में भेजे गए हैं। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिल पा रही है।
निगम का कहना है कि ये आंकड़े गैस उद्योगपतियों और व्यवसायियों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं। हालांकि, गैस वास्तव में किस डिपो तक पहुंची और उपभोक्ताओं में कितना बांटा गया, इसकी प्रभावी निगरानी न होने से आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
नेपाल आयल निगम के प्रवक्ता मनोज कुमार ठाकुर के अनुसार, काठमांडू घाटी में रोजाना लगभग 35 हजार से 40 हजार सिलेंडरों की खपत होती है।
वर्तमान में अनुमानित 12 से 15 लाख खाली सिलेंडर लोगों के घरों और विभिन्न स्थानों पर बेकार पड़े हैं। इन सभी सिलेंडरों को एक साथ भरने के लिए नियमित खपत से अत्यधिक गैस की आवश्यकता है, जिससे स्थिति सामान्य होने में समय लग रहा है।
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माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
